Ujjain Krishi Upaj Mandi: उज्जैन (नईदुनिया प्रतिनिधि)। इन दिनों प्रदेश का गेहूं विदेशों में धूम मचा रहा है। निर्यात के कारोबार को प्रोत्साहित करने के लिए मंडी बोर्ड का प्रतिनिधिमंडल प्रबंध संचालक विकास नरवार के नेतृत्व में कांडला पहुंच गया तथा निर्यातकों को प्रदेश सरकार की गेहूं निर्यात को लेकर जानकारी दी। बता दें अब तक करीब 250 करोड़ का गेहूं उज्जैन मंडी से विदेश पहुंच चुका है। निर्यात अभी भी जारी है।
इन दिनों कृषि विपणन मंडी बोर्ड भोपाल गेहूं निर्यात को लेकर काफी उत्साहित है। रूस-यूक्रेन युद्ध के चलते भारत को गेहूं के विदेशी व्यापार में काफी मौका मिला है, जिसे सरकार व कारोबारी भुना भी रहे हैं। वर्तमान में उज्जैन व इंदौर मंडी से सर्वाधिक गेहूं का निर्यात हो रहा है, जिसके चलते मंडी बोर्ड के प्रबंध संचालक विकास नरवार, मंडी सचिव उमेश बसेडिया व नरेश परमार व टीम के साथ गुजरात स्थित निर्यात पोर्ट कांडला व मुंब्रा गए तथा निर्यातकों को मंडी शुल्क में छूट देने की जानकारी के साथ मंडी लायसेंस बनाने की सरल प्रक्रिया की जानकारी दी। बता दें उज्जैन मंडी में करीब 30 से 35 हजार क्विंटल गेहूं रोजाना बिक्री हेतु आ रहा है, जिसमें से 70 फीसद गेहूं निर्यात हेतु पोर्ट जा रहा है। हालांकि निर्यात के गेहूं का सरकारी फायदा स्थानीय व्यापारी को नहीं मिल रहा है, क्योंकि सरकार ने निर्यातकों के मंडी लायसेंस पर गेहूं ख़रीदी पर ही शुल्क में छूट है।
मांग उठी प्रतिवेदन भोपाल भेजा
निर्यात पर निर्यातकों के मंडी लायसेंस पर ही मंडी शुल्क पर छूट को लेकर कारोबारी नाराज हैु। व्यापारी संघ अध्यक्ष गोविंद खंडेलवाल का कहना है कि मंडियों में निर्यातकों की डायरेक्ट मंडी में खरीदी काफी कम होती है। वे मंडी कारोबारियों से ही ख़रीदी करते हैं व व्यापारी मंडी में नीलामी में खरीदी कर निर्यातकों को बेच रहा है। ऐसे में कारोबारी को मंडी शुल्क में छूट मिलना चाहिए, तभी सरकार के मंडी शुल्क में छूट देने का मकसद पूरा होगा। मामले में एक ज्ञापन मंडी सचिव उमेश बसेडिया शर्मा को दिया है, जिसका प्रतिवेदन बना कर मंडी बोर्ड भोपाल को भेज दिया है।
रैक की दिक्कत, ट्रक नहीं मिल रहे
सरकार भले ही मंडियों में गेहूं खरीदी से लेकर निर्यात करने तक में सुविधा दे रही है, लेकिन रैक व ट्रक परिवहन की काफी दिक्कतें आ रही हैं। निर्यात के लिए खरीदे गेहूं के बड़े-बड़े थप्पे लगे हुए हैं। सरकार को रैक की व्यवस्था समुचित करना चाहिए।