
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन : गत दिनों भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की रथयात्रा के दौरान रथ से उतारे जाने से की घटना को लेकर महापौर मुकेश टटवाल ने नाराजगी जाहिर की थी। घटना को लेकर रविवार को डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा के समक्ष धरना प्रस्तावित किया था।
महापौर मुकेश टटवाल ने बताया कि बैरवा महासभा के राजेश जारवाल, नगर अध्यक्ष सुरेन्द्र मरमट, पूर्व महापौर मदनलाल ललावत, मीना जोनवाल के साथ मिलकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को इससे अवगत कराया था। उन्होंने इस घटना पर संज्ञान लेते हुए कार्रवाई का आश्वासन दिया। महापौर मुकेश टटवाल ने कहा कि उन्होंने धरने की कोई बात नहीं की थी, उन्होंने सिर्फ बाबा साहब को नमन कर शक्ति प्रदान करने की कामना की थी।
इस पूरे विवाद के बाद कांग्रेस जिलाध्यक्ष व विधायक महेश परमार, शहर अध्यक्ष मुकेश भाटी, नगर निगम नेता प्रतिपक्ष रवि राय और बैरवा समाज अध्यक्ष सुरेंद्र मरमट भी महापौर मुकेश टटवाल से मिलने पहुंचे थे। महेश परमार ने कहा था कि महापौर मुकेश टटवाल निर्वाचित जनप्रतिनिधि और शहर के प्रथम नागरिक हैं। उनके अनुसार किसी भी निर्वाचित जनप्रतिनिधि के साथ इस तरह का व्यवहार नहीं होना चाहिए।