नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के उज्जैन आगमन पर आयोजित भव्य रथ यात्रा के दौरान पार्टी की अंदरूनी खींचतान और गुटबाजी खुलकर सामने आ गई है।
पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के स्वागत में आयोजित रथ यात्रा में सवार होने के लिए तय सूची में शहर के प्रथम नागरिक और महापौर मुकेश टटवाल का नाम भी शामिल था। हालांकि, ऐन वक्त पर एसपी द्वारा केवल महापौर को रथ से नीचे उतार दिया गया।
यह पहला मौका नहीं है
इस घटना के बाद से स्थानीय राजनीति और पार्टी कैडर में भारी सुगबुगाहट शुरू हो गई है। यह पहला मौका नहीं है जब महापौर की इस तरह उपेक्षा हुई हो; पार्टी के महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, लोकार्पणों, भूमिपूजन समारोहों और प्रशासनिक बैठकों में भी उन्हें लगातार दरकिनार किया जाता रहा है।
महापौर द्वारा दिए गए निर्देशों पर अमल न होना और कार्यक्रमों में अपेक्षित सम्मान न मिलना संगठन व निगम प्रशासन के बीच की खींचतान को दर्शाता है।
महापौर समर्थक खासा निराश हैं
रथ यात्रा के दौरान हुई इस सार्वजनिक उपेक्षा से महापौर समर्थक खासा निराश हैं। नगर निगम द्वारा आयोजित और होस्ट किए जा रहे कार्यक्रमों में प्रथम नागरिक की ही इस प्रकार उपेक्षा होना भाजपा के भीतर छिपे असंतोष और वर्चस्व की जंग को साफ उजागर करता है।
भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष व मुख्यमंत्री ने की चंद्र आचार्य की आरती
श्री पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन के निर्वाण चंद्र आचार्य के 532वें जयंती महोत्सव की पूर्व संध्या पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन व मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रामघाट पर चंद्र आचार्य की आरती की।
आरती के दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, प्रदेश प्रभारी महेंद्र रघुवंशी, सांसद अनिल फिरोजिया, विधायक सतीश मालवीय, अनिल जैन कालूहेड़ा व प्राधिकरण अध्यक्ष रवि सोलंकी सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।
आरती के पश्चात श्री पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन के महंत सत्यानंद महाराज एवं महंत देवीदास, अखाड़े से जुड़े भक्तों ने अतिथियों का स्वागत किया। स्वागत के दौरान कपिल कटारिया, सचिन पाटनी, जयप्रकाश चतुर्वेदी, धीरज बम, अर्पित परमार आदि उपस्थित रहे।