• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • AI बूटकैंप
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • Mutual Funds मास्टरी
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • उज्जैन

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 27, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

उज्जैन के महाकाल महालोक में ओडिशा के कलाकार तैयार कर रहे महादेव की 15 फीट ऊंची मूर्ति

महाकाल लोक में लाल पत्थर की मूर्तियां स्थापित करने और उज्जैन को मूर्तिकला का बड़ा केंद्र बनाने के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने चार महीने पहले दुनियाभर के ...और पढ़ें

By Prashant PandeyEdited By: Prashant Pandey
Publish Date: Tue, 27 Aug 2024 10:01:12 AM (IST)Updated Date: Tue, 27 Aug 2024 10:13:29 AM (IST)
उज्जैन के महाकाल महालोक में ओडिशा के कलाकार तैयार कर रहे महादेव की 15 फीट ऊंची मूर्ति
उज्जैन में बेटे आशुतोष के साथ भगवान शिव की मूर्ति बनाते अक्षय महाराणा।

HighLights

  1. लाल पत्थर में भगवान शिव की झलक साफ नजर आने लगी है।
  2. शिल्पकार का कहना है- मूर्ति बनाई नहीं जाती, बस बन जाती है।
  3. सप्त ऋषि की 15 फीट ऊंची मूर्ति भी उज्जैन में बनाई जा रही है।

धीरज गोमे, नईदुनिया, उज्जैन। धर्म जब छैनी बन जाए और मर्म जब पाषाण में उतर आए, तो फिर एक ऐसी मूर्ति आकार लेती है, जो श्रद्धालुओं के मन को आस्था और विश्वास से भर देती है। इन दिनों धर्मनगरी उज्जैन में ऐसा ही कुछ घटित हो रहा है।

यहां ओडिशा के कलाकार पत्थरों को कुछ इस कदर तराश रहे हैं कि मानो पाषाण में वे प्राण फूंक रहे हैं। यहां 15 फीट ऊंची भगवान शिव की मूर्ति बनाई जा रही है, जिसे अगले वर्ष ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर मंदिर के नवविस्तारित क्षेत्र श्री महाकाल महालोक में स्थापित किया जा सकता है।


पिता से विरासत में मिली शिल्पकला को पुत्रों के साथ आगे बढ़ा रहे पुरी (ओडिशा) के सातवीं पास अक्षय महाराणा ने अंतत: 15 फीट के लाल पाषाण में प्राण डाल दिए हैं। पत्थर में भगवान शिव की झलक अब साफ-साफ नजर आने लगी है।

शिल्पकार अक्षय महाराणा ने ‘नईदुनिया’ से चर्चा में बताया, "भगवान की मूर्ति बनाई नहीं जाती, बस बन जाती है। मूर्ति बनाना काम नहीं तपस्या है, जिसमें अपार श्रद्धा और भावनाएं जुड़ी होती हैं।"

मूर्ति बनाने से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी

  • 15 लाख रुपये तय किया है एक मूर्ति बनाने का मानदेय।
  • 127 से ज्यादा बड़ी मूर्तियां बनाई गई हैं महाकाल लोक में।
  • 40 मूर्तियां यहां पर लाल पत्थरों को तराशकर बनाई गई हैं।
  • 15 फीट ऊंची होगी भगवान शिव और सप्तऋषि की मूर्तियां।
  • 10 फीट चौड़ी और 4.5 फीट मोटी बनाई जा रही हैं मूर्तियां।

दुनियाभर के मूर्ति 
शिल्पकारों को आमंत्रण

महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ ने मूर्ति निर्माण के लिए दुनियाभर के शिल्पकारों को आमंत्रण भेजा था। आग्रहपूर्वक कहा था, ‘उज्जैन आइए, मूर्ति बनाइए और मानदेय पाइए। आपकी बनाई मूर्ति को वक्त आने पर ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर मंदिर के नवविस्तारित क्षेत्र महाकाल महालोक, वीर भारत संग्रहालय सहित भिन्न पर्यटन 
स्थलों पर स्थापित किया जाएगा। इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।’

कुछ भारतीय कलाकार आगे आए, जिन्हें मूर्ति बनाने में उपयोगी सामग्री शोधपीठ ने उपलब्ध कराई। भगवान शिव और सप्त ऋषि की मूर्ति 15 फीट ऊंची, 10 फीट चौड़ी और साढ़े चार फीट मोटी बन रही है। एक मूर्ति का मानदेय 15 लाख रुपये बताया गया है।