
Narmada Water in Shipra River: नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। सोमवती अमावस्या व गुड़ी पड़वा पर मोक्षदायिनी शिप्रा में नर्मदा के जल से पर्व स्नान होगा। एनवीडीए ने शुक्रवार को नर्मदा का पानी शिप्रा में छोड़ना शुरू कर दिया है। जल्द ही नर्मदा का शुद्ध पानी शिप्रा के रामघाट पहुंचेगा। इस बार चैत्र मास की भूतड़ी अमावस्या 8 अप्रैल को सोमवती के संयोग में आ रही है। इसके अगले दिन 9 अप्रैल को गुड़ी पड़वा महापर्व मनाया जाएगा। सोमवती अमावस्या पर शिप्रा व सोमकुंड में पर्व स्नान की परंपरा है।
गुड़ी पड़वा पर नवसंवत्सर के रूप में हिंदू नववर्ष का महापर्व शिप्रा तट पर मनाया जाएगा। दोनों ही दिन देशभर से हजारों श्रद्धालु शिप्रा स्नान व नए साल के उत्सव में शामिल होने के लिए शहर आएंगे।
उत्सव की इस बेला में शिप्रा में शुद्ध जल का प्रवाह बना रहे, इसके लिए शुक्रवार को शिप्रा में नर्मदा का पानी छोड़ने की शुरुआत हो गई है। उज्जैन प्रशासन ने शिप्रा के रामघाट पर भरे गंदे पानी को पहले ही आगे की ओर प्रवाहित कर दिया था। नर्मदा का पानी आने के बाद श्रद्धालु शिप्रा में सुविधापूर्वक स्नान व आचमन कर सकेंगे।
इधर शिप्रा में कान्ह नंदी का गंदा पानी मिलने की आशंका भी नजर आ रही है। वजह कान्ह का गंदा पानी शिप्रा में मिलने से रोकने के लिए प्रशासन ने शिप्रा के त्रिवेणी घाट पर मिट्टी का कच्चा बांध बना रखा है। दो दिन पहले कच्चे बांध को खोल दिया गया है।
इससे कान्ह का गंदा पानी आगे बढ़ रहा है। आशंका जताई जा रही है कि गंदा पानी गऊघाट से होते हुए शिप्रा के रामघाट पर मिल सकता है। अगर ऐसा हुआ, तो रामघाट पर नर्मदा का शुद्ध जल फिर से प्रदूषित हो जाएगा। प्रशासन को गंदे पानी को रोकने के लिए उचित कदम उठाना चाहिए।