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उज्जैन (नईदुनिया प्रतिनिधि)। सैफी बाखल में रहने वाले भाई-बहन की आत्महत्या के मामले का मंगलवार को पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया। पुलिस ने बच्चों के माता-पिता के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। बच्चों के साथ मां भी आत्महत्या करना चाहती थी, मगर बच्चों ने उन्हें अपना खून दिखाने के लिए रोक दिया था। महिला बच्चों की आत्महत्या के बाद स्कूल पढ़ाने के लिए चली गई थी।
जीवाजीगंज थाना क्षेत्र के सैफी बाखल में शुक्रवार शाम को ताहेर पुत्र सादिक और उसकी बहन जेहरा ने हाथ की नस काटकर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस को बच्चों की मां फातिमा ने बताया कि वह उस दौरान स्कूल गई थी। बच्चों के पिता कुवैत में रहकर नौकरी करते हैं। पुलिस को मौके से सुसाइड नोट मिला था, जिसमें ताहेर की आंखों का उपचार नहीं करवाने का जिक्र था। पुलिस को भाई-बहन के हाथ में कट के निशान मिले थे, मगर खून नहीं मिला था। इससे मामला संदिग्ध हो गया था। जांच के दौरान पुलिस को खून फ्रिज में रखा मिला था।
पुलिस ने मामले की जांच की तो पता चला कि मृतक भाई-बहन का पिता वर्ष 2003 से कुवैत में रहकर नौकरी करता था। मृतक ताहिर को आंखों की गंभीर बीमारी थी। उसका उपचार करवाने के लिए पिता रुपये नहीं भेजता था। पिता सालों बाद कम समय के लिए उज्जैन आया करता था। इससे ताहिर और उसकी बहन जेहरा बेहद तनाव में थे। पुलिस को बच्चों की मां के मोबाइल में पति सादिक द्वारा बुधवार को किया गया मैसेज मिला था। इसमें उसने अपने पास रुपये कम होने और कर्ज ज्यादा होने की बात लिखी थी। इससे दुखी होकर ताहिर, जेहरा और उनकी मां फातिमा ने आत्महत्या करने का निर्णय लिया था, मगर दोनों बच्चों ने अपनी मां को आत्महत्या करने से रोक दिया था। दोनों ने उससे कहा था कि वह उनका खून फ्रिज में रख दें, और अगर उनका पिता उज्जैन आए तो उसे दिखाना कि यह उनके बच्चों का खून है।
बच्चों ने अपनी मां के सामने ही नींद की गोलियां खाई और फिर अपने हाथ की नसें काट ली थी। मां ने बच्चों का खून थैली में एकत्र करके उसे फ्रिज में रख दिया। नस काटने के बाद भी बच्चों की मौत नहीं हुई थी। इस पर बच्चों ने मां के सामने ही सल्फास की गोलियां खाई थीं। इसके बाद मां पढ़ाने के लिए स्कूल चली गई। शाम को घर आने के बाद उसने बच्चों द्वारा आत्महत्या किए जाने का नाटक किया और लोगों को सूचना दी थी।
मां फातिमा ने ही बच्चों के मरने से पूर्व उनका सुसाइड नोट लिखा था। हालांकि उसने अपने बच्चों के मरने से पहले उस पर साइन करवा ली थी। मृतक ताहिर डायरी भी लिखता था। उसमें उसने पिता द्वारा परेशान किए जाने और जिम्मेदारी ठीक से नहीं उठाने का जिक्र किया था। पुलिस ने मां-पिता के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की धाराओं में केस दर्ज किया है।