
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में इस बार सावन-भादौ मास में की जाने वाली व्यवस्थाएं सिंहस्थ 2028 की रिहर्सल रहेगी। इस दौरान लाखों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में सुरक्षा, यातायात और भीड प्रबंधन के इंतजामों को परखा जाएगा। जिला प्रशासन व महाकाल मंदिर समिति ने इसको लेकर तैयारी शुरू कर दी है।
शनिवार को कलेक्टर रौशन कुमार सिंह की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में श्रावण-भाद्रपद मास की दर्शन व्यवस्था तथा महाकाल सवारी मार्ग तय किया जा सकता है। मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक ने शुक्रवार को कार्यालय में मीडिया से चर्चा की तथा सुझाव भी लिए।
प्रशासक ने बताया कि श्रावण -भाद्रपद मास की व्यवस्थाओं को लेकर संभवत: शनिवार को प्रशासन की बैठक होने वाली है। इसमें श्रावण-भाद्रपद मास की दर्शन व्यवस्था तथा सावन-भादौ मास में निकलने वाली भगवान महाकाल की सवारी का मार्ग तय किया जा सकता है।
बता दें इस बार महाकाल सवारी मार्ग पर चौड़ीकरण व सीवरेज प्रोजेक्ट के तहत लाइन बिछाने का काम चल रहा है। चौड़ीकरण में मार्ग के दोनों हिस्सों के मकान, दुकान को तोड़ा गया है, इनमें कई मकान सालों पुराने है जो बारिश के दिनों में हादसे का कारण बन सकते हैं। आधे अधूरे निर्माण के बीच सवारी मार्ग पर हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी भी चुनौती रहेगी। पार्किंग व्यवस्था तथा शहर में लोक परिवहन के साधनों का सुचारू संचालन भी व्यवस्था का अंग रहेगा।