Ujjain Shipra River: उज्जैन (नईदुनिया प्रतिनिधि)। शिप्रा नदी में स्नान करने के दौरान दो माह में आठ से ज्यादा लोगों की डूबने से मौत हो चुकी है। रामघाट, दत्त अखाड़ा घाट सहित अन्य घाटों पर सुरक्षा के इंतजाम कम पड़ रहे हैं। लगातार मौतों के बाद होमगार्ड के 37 जवानों को तैनात किया गया है। बिहार के छपरा जिले के निवासी युवक की 29 मार्च को शिप्रा नदी के दत्त अखाड़ा घाट पर डूबने से मौत हो गई थी। युवक भोपाल में रहकर बी.टेक (बैचलर आफ टेक्नोलाजी) की पढ़ाई कर रहा था। वह दोस्तों के साथ उज्जैन दर्शन के लिए आया था। इसी प्रकार सात अप्रैल को भिंड निवासी युवक दोस्तों के साथ उज्जैन आया था। यहां रामघाट पर शिप्रा नदी में नहाने के दौरान गहरे पानी में चला गया। डूबने से उसकी मौत हो गई। मृतक ने सात माह पूर्व ही इंफोसिस कंपनी ज्वाइन की थी।

तीन दोस्त डूबने लगे तो दो को बचाया, एक की हुई थी मौत

28 मार्च को रामघाट के समीप सिद्ध आश्रम घाट पर शिप्रा नदी में नहाने के दौरान तीन युवक डूबने लगे। शोर सुनकर घाट पर मौजूद लोगों ने दो युवकों को बचा लिया, जबकि तीसरे की डूबने से मौत हो गई थी।

37 जवानों की लगाई डयूटी, बनाया प्रभारी

होमगार्ड कमांडेंट संतोष कुमार जाट ने बताया कि बीते दिनों शिप्रा नदी में डूबने से लगातार लोगों की मौत हो रही थी। इसे देखते हुए रामघाट व दत्त अखाड़ा व आसपास के घाटों पर होमगार्ड के 37 जवानों की ड्यूटी लगाई गई है। इसके अलावा होमगार्ड के प्लाटून कमांडर को भी इंचार्ज बनाया गया है। रामघाट व अन्य घाट पर रोजाना 12 जवान तैनात रहते हैं। जवान तीन शिफ्ट में ड्यूटी पर रहते हैं।

हादसे रोकने के लिए यह इंतजाम

- नदी में कमर तक पानी के बाद लोहे की रैलिंग लगाकर जंजीर लगाई गई है।

- होमगार्ड के अलावा मां शिप्रा तैराक दल के सदस्यों को भी घाटों पर तैनात किया गया है।

- रामघाट व आसपास के घाटों पर लाइफ जैकेट, लाइफ बाय के अलावा बोट से सतत पेट्रोलिंग शुरू की गई है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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