
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। साइबर ठगी के रुपये से सोने के सिक्के खरीदने वाले तीन आरोपियों को माधव नगर थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने गाजियाबाद, पंजाब व नागौर के लोगों को ठगी का शिकार बनाया और उससे उज्जैन के चार ज्वेलरों के यहां से खरीदी कर ली। इस कारण चारों ज्वेलरों के बैंक खाते होल्ड हो गए थे। जांच के बाद पुलिस ने सखीपुरा की होटल में नौ दिनों से ठहरे तीन आरोपियों को पकड़ लिया।
एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि छह जून को कथित नाम अनुराग कहार द्वारा डीपीके ज्वेलर्स घासमंडी चौराहा से लगभग 95,000 रुपये मूल्य का छह ग्राम का सोने का सिक्का खरीदा था। इसका भुगतान क्यूआर कोड के माध्यम से किया गया था। भुगतान प्राप्त होने के कुछ समय बाद शोरूम का बैंक खाता होल्ड हो गया था। इस संबंध में शोरूम प्रबंधन द्वारा माधव नगर टीआई गजेंद्र पचौरिया को शिकायत की थी।
पुलिस ने धारा 318(4) बीएनएस के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की थी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य एवं अन्य जानकारी के आधार पर संदिग्धों की पहचान की थी। जांच के दौरान पता चला कि आरोपित सखीपुरा स्थित होटल हीरा पैलेस में नौ दिनों से ठहरे हुए हैं।
इसके आधार पर पुलिस ने कशिश पुत्र सुनील (29 वर्ष) निवासी सदर बाजार नर्मदापुरम, राहुल उर्फ शानू पुत्र अरुण (26 वर्ष) निवासी सराफा चौक नर्मदापुरम तथा अनिमेश उर्फ अनुराग उर्फ अन्नी पुत्र अभय (21 वर्ष) निवासी सदर बाजार नर्मदापुरम को गिरफ्तार किया है।
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वह बायनेन्स मोबाइल एप के माध्यम से वर्चुअल करंसी यूएसडीटी से ट्रेडिंग करते थे। इनके अन्य साथी विभिन्न राज्यों के लोगों को मोबाइल अपडेट करने के नाम पर फर्जी लिंक भेजते थे। लिंक पर क्लिक करने के बाद मोबाइल री-स्टार्ट होता था और इसी दौरान पीड़ितों के बैंक खातों से राशि निकाल ली जाती थी।
आरोपियों द्वारा ठगी की गई राशि सीधे ज्वेलर्स के क्यूआर कोड पर ट्रांसफर कर गोल्ड क्वाइन खरीदे जाते थे। बाद में खरीदे गए सोने के सिक्के को बाजार में बेचकर नकद राशि प्राप्त कर सायबर ठगी की रकम को वैध बनाने का प्रयास किया जाता था।
इन लोगों के बैंक खातों से रुपये किए ट्रांसफर
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में उपयोग किए गए मोबाइल फोन, फर्जी आईडी कार्ड, गोल्ड क्वाइन खरीदने के बिल एवं अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए हैं। पुलिस ने मामले में धारा 338, 336(3), 340(2), 61(2) बीएनएस एवं धारा 66 आईटी एक्ट बढाई गई है। तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया था, जहां से उन्हें 22 जून तक पुलिस रिमांड पर सौंपा गया है।