उज्जैन में युवा धर्म संसद 18 सितंबर से, संघ प्रमुख मोहन भागवत करेंगे उद्घाटन, 24 राज्यों से 1500 से अधिक युवा होंगे शामिल
सेवाज्ञ संस्थानम् की युवा धर्म संसद का छठा संस्करण शुक्रवार से उज्जैन में शुरू होगा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डा. मोहन भागवत सुबह 10 बजे म...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 17 Sep 2026 06:05:43 PM (IST)Updated Date: Thu, 17 Sep 2026 06:05:43 PM (IST)
युवा धर्म संसद में शामिल होने के लिए संघ प्रमुख मोहन भागवत इंदौर से उज्जैन के लिए रवाना हुए। (नईदुनिया)HighLights
- धर्म, संस्कृति, शिक्षा और तकनीक सहित विभिन्न विषयों पर होगा संवाद
- सेवाज्ञ संस्थानम् की युवा धर्म संसद का छठा संस्करण शुक्रवार से शुरू होगा
- सेवाज्ञ संस्थानम् के संरक्षक आचार्य मिथिलेशनन्दिनी शरण अध्यक्षता करेंगे
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। सेवाज्ञ संस्थानम् की युवा धर्म संसद का छठा संस्करण शुक्रवार से उज्जैन में शुरू होगा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत सुबह 10 बजे मुख्य अतिथि के रूप में संसद का विधिवत शुभारंभ करेंगे।
24 राज्यों से 1500 से अधिक युवा शामिल होंगे
सेवाज्ञ संस्थानम् के संरक्षक आचार्य मिथिलेशनन्दिनी शरण अध्यक्षता करेंगे। तीन दिन चलने वाले इस राष्ट्रीय विचार महासंगम में 24 राज्यों से 1500 से अधिक युवा शामिल होंगे। धर्म, संस्कृति, शिक्षा, तकनीक, परिवार, मानवीय मूल्य और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर विचार-विमर्श होगा।
प्रख्यात चिंतक, विद्वान और विशेषज्ञ वक्तव्य देंगे
गुरुवार को पुस्तक मेला एवं प्रदर्शनी के शुभारंभ के साथ आयोजन की शुरुआत हुई। शुक्रवार को विधिवत उद्घाटन के बाद विभिन्न सत्रों में प्रख्यात चिंतक, विद्वान और विशेषज्ञ युवाओं से संवाद करेंगे।
युवाओं से संवाद करेंगे वक्ता
केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली के कुलगुरु प्रो. श्रीनिवास वरखेड़ी, सेवाज्ञ संस्थानम् के अध्यक्ष आशीष कुमार आशु, जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि, पटकथा लेखक एवं गीतकार मनोज मुंतशिर, अनादि फाउंडेशन की सह-संस्थापिका स्मृति अनंतलक्ष्मी, दैनिक जागरण-नईदुनिया समूह के कार्यकारी संपादक विष्णु प्रकाश त्रिपाठी और आईआईएम इंदौर के निदेशक प्रो. हिमांशु राय युवाओं से संवाद करेंगे।
समसामयिक प्रश्नों पर रखेंगे विचार
युवा धर्म संसद में युवा अपने मन में उठ रहे समसामयिक प्रश्न वक्ताओं के सामने रखेंगे। बदलते तकनीकी दौर में धर्म और मानवीय मूल्यों की प्रासंगिकता, सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक जीवन में युवाओं की भूमिका पर मंथन होगा। आयोजन का समापन 19 सितंबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में होगा।