• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • AI बूटकैंप
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • Mutual Funds मास्टरी
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • उमरिया

पांच दिन राजा बनेंगे बांधवगढ़ के ‘सिपाही’, सुरक्षा ड्यूटी से छुट्टी; अब होगी दावत

24 सितम्बर से शुरू हुए हाथी महोत्सव के दौरान बांधवगढ़ के जंगलों में पांच दिनों के लिए पहरा थमेगा। जंगल और वन्यजीवों की सुरक्षा में जिम्मेदारी निभाने व...और पढ़ें

By SanjayKumar SharmaEdited By: Dheeraj kumar Bajpai
Publish Date: Thu, 24 Sep 2026 05:25:34 PM (IST)Updated Date: Thu, 24 Sep 2026 05:25:34 PM (IST)
पांच दिन राजा बनेंगे बांधवगढ़ के ‘सिपाही’, सुरक्षा ड्यूटी से छुट्टी; अब होगी दावत
हाथियों के लिए फ्रूट परोसे जाएंगे, गुड़ की मोटी रोटियां बनाई जाएंगी। सुबह नाले में स्नान करते हाथी। सौजन्‍य विभाग

HighLights

  1. किसी का जन्म आजादी से पहले, कोई बिहार के मेले से पहुंचा
  2. तेल मालिश, स्नान और चंदन श्रृंगार से होगा खास सत्कार
  3. हाथी धामोखर बफर पर्यटन गेट के नजदीक कैंप में रहेंगे

संजय कुमार शर्मा, नईदुनिया, उमरिया। 24 सितम्बर से शुरू हुए हाथी महोत्सव के दौरान बांधवगढ़ के जंगलों में पांच दिनों के लिए पहरा थमेगा। इन पांच दिनों में उनके लिए फ्रूट परोसे जाएंगे, गुड़ की मोटी रोटियां बनाई जाएंगी, सरसों के तेल से मालिश होगी और उन्हें नहला-धुलाकर चंदन से सजाया जाएगा। इस दौरान बांधवगढ़ के सभी हाथी धामोखर बफर पर्यटन गेट के नजदीक कैंप में मौजूद रहेंगे।

रोचक और अद्भुत कहनानी

इनमें कुछ ऐसे हाथी हैं, जिनकी जिंदगी की कहानी कई दशक पीछे जाती है। किसी का जन्म आजादी से पहले हुआ था, तो किसी को बिहार के मेले से खरीदकर बांधवगढ़ लाया गया। सबसे उम्रदराज से लेकर सबसे कम उम्र के हाथी तक, हर एक की अपनी अलग दास्तान है। जंगल में सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाने वाले ये हाथी अब पांच दिनों तक शाही अंदाज में रहेंगे।


सोनपुर बिहार से खरीदी गई अनारकली ने बढ़ाया कुनबा

  • अनारकली मादा हाथी का जन्म 1964 में हुआ था और इसकी वर्तमान उम्र 6़़2 साल है। इस हाथी को वर्ष 1978 -79 में सोनपुर मेला बिहार से खरीद कर लाया गया था।
  • अनारकली का नामकरण बांधवगढ़ में आने के बाद हुआ था। बांधवगढ़ का सूर्या हाथी जिसका जन्म 21 जून 2012 को हुआ था यह अनारकली का ही बेटा है।
  • इस नन्हे हाथी की उम्र 14 साल पूरी हो चुकी है। अनारकली की दूसरी संतान गणेश नर हाथी का जन्म 25 मार्च 2015 को हुआ था।
  • अब इसकी उम्र 11 वर्ष हो गई है। दो वर्षीय मुरली भी अनारकली का बेटा है जिसका जन्म 15 मई 2024 को बांधवगढ़ में हुआ था।

सबसे उम्रदराज

गौतम नर हाथी है जो बांधवगढ़ का सबसे उम्र दराज सदस्य है। इसका जन्म 1946 में हुआ था और वर्तमान में इसकी उम्र 78 वर्ष है। इस हाथी को 9 मार्च 1978 को कान्हा टाइगर रिजर्व से लाया गया था। तब से यह हाथी बांधवगढ़ में बाघों की निकरानी और सुरक्षा की जिम्मेदारी निभा रहा है।

इनका हुआ बांधवगढ़ में जन्म

  • सुंदरगज नर हाथी का जन्म 11 जून 1987 को हुआ था और अब इसकी उम्र 38 साल हो चुकी है। इस हाथी का जन्म बांधवगढ़ में हुआ था और इसकी मां का नाम तारामती है।
  • अष्टम नर हाथी का जन्म 13 अगस्त 2002 को हुआ था। अब इस हाथी की उम्र 23 वर्ष हो चुकी है। इसका जन्म बांधवगढ़ में हुआ था और इसे तूफान ने जन्म दिया था।
  • बांधवी मादा हाथी है जिसका जन्म 30 नवंबर 2011 को बांधवगढ़ में हुआ था। इसकी उम्र 14 वर्ष हो चुकी है और इसे बांधवगढ़ में तूफान हथिनी ने जन्म दिया था।
  • पूनम मादा हाथी का जन्म 27 जनवरी 2013 को हुआ था। इसकी उम्र 12 वर्ष हो चुकी है। इसे सुदर्शनी हथिनी ने बांधवगढ़ में जन्म दिया था।

यह हैं नए मेहमान

रेस्क्यू किए गए यह हाथी

  1. श्याम नर हाथी का जन्म 1983 में हुआ था और अब यह उम्र 37 साल का हो चुका है।
  2. इस जंगली हाथी को 21 सितंबर 2018 को सीधी के जंगल से बांधवगढ़ रेस्क्यू टीम द्वारा रेस्क्यू करके लाया गया था।
  3. रामा नर हाथी का जन्म 1986 में हुआ था और अब यह इस हाथी की उम्र 28 वर्ष हो चुकी है।
  4. इस जंगली हाथी को 7 अप्रैल 2011 को अनूपपुर के जंगल से बांधवगढ़ रेसिपी टीम द्वारा रेस्क्यू करके लाया गया था।
  5. लक्ष्मण नर हाथी का जन्म 1997 में हुआ था और अब इसकी उम्र 27 साल हो चुकी है।
  6. इस जंगली हाथी को 5 मई 2017 को सीधी के जंगल से बांधवगढ़ रेस्क्यू टीम द्वारा रेस्क्यू करके लाया गया था।

यह हैं छोटे हाथी

बांधवगढ़ में लगे हाथी महोत्सव में 12 व्यस्क और तीन अव्यस्क हाथी शामिल हैं। तीन अव्यस्क हाथियों में दो वर्ष का मुरली, उससे कुछ छोटी बरखा और गंगा शामिल हैं। गंगा उस जंगली मादा हाथी की बच्ची है जिसकी मां की कुछ समय पहले मौत हो गई थी।

नौरादेही-शिवपुरी में बांधवगढ़ के हाथी

बांधवगढ़ के हाथी नौरादेही यानी वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिर्जव और शिवपुरी में भी हैं। काजल मादा हाथी इन दिनों शिवपुरी में है जिसका जन्म 1978 में हुआ था और अब इसकी उम्र 46 वर्ष हो चुकी है। इस जंगली हाथी को 22 सितंबर 2018 को सीधी के जंगल से बांधवगढ़ रेस्क्यू टीम द्वारा रेस्क्यू करके लाया गया था। जबकि नील नर हाथी वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में है जिसका जन्म 2003 में हुआ था जिसकी उम्र अब 21 साल हो चुकी है। यह जंगली हाथी है इसे 19 सितंबर 2018 को सीधी के जंगल से बांधवगढ़ रेस्क्यू टीम द्वारा रेस्क्यू करके लाया गया था।

गायत्री को श्रद्धाजंलि

गायत्री मादा हाथी की इसी साल अप्रैल में एंथ्रेक्स वायरस की वजह से मौत हो गई। इस हथनी को वर्ष 2017 में सीधी से रेस्क्यू करके लाया गया था। हाथी महोत्सव में गायत्री की कमी सभी को खली और उसे श्रद्धांजलि दी गई।

यह भी पढ़ें- जबलपुर में गणेश पांडाल में अश्लील डांस का वीडियो वायरल, हिंदू धर्म सेना ने पुलिस से की जांच की मांग