
नईदुनिया प्रतिनिधि, उमरिया। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की मशहूर बाघिन डोटी की मौत हो गई है। मानपुर रेंज के हरदिहा कैंप के पास दमना बीट में बाघिन की मौत की घटना सामने आई है। बाघिन की मौत की खबर फैलते ही वन्यजीव प्रेमियों और बांधवगढ़ के बाघों पर नजर रखने वाले लोगों के बीच शोक का माहौल है।
शुरुआती जानकारी में बाघिन की मौत करंट लगने से होने की आशंका जताई गई, जबकि वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों का कहना है कि उसकी मौत वृद्धावस्था के कारण हुई हो सकती है। हालांकि, मौत की वास्तविक वजह को लेकर स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।
बाघिन डोटी की मौत के बाद करंट लगने की बात सामने आने से कई सवाल खड़े हो गए हैं। एक ओर शुरुआती खबरों में करंट से मौत की आशंका जताई गई, वहीं वन विभाग के लोगों के अनुसार बाघिन की उम्र अधिक होने के कारण उसकी प्राकृतिक मौत हुई है। ऐसे में मौत के वास्तविक कारण की पुष्टि महत्वपूर्ण है। बाघिन के शव की जांच और विभागीय पड़ताल के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि उसकी मौत प्राकृतिक कारणों से हुई या इसके पीछे कोई अन्य वजह थी।
बांधवगढ़ के बाघों के पारिवारिक इतिहास के लिहाज से भी बाघिन डोटी का खास महत्व रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, डोटी स्पॉटी की बहन और महामन फीमेल की बेटी थी। बांधवगढ़ में बाघों की पहचान, उनकी वंशावली और क्षेत्र में उनकी मौजूदगी को लेकर वन्यजीव प्रेमियों की विशेष रुचि रहती है।
ऐसे में डोटी की मौत की खबर से बाघों की इस चर्चित पीढ़ी से जुड़ा एक महत्वपूर्ण अध्याय समाप्त हो गया है।बांधवगढ़ में बाघों की सुरक्षा और उनकी मौत के कारणों की निष्पक्ष जांच वन्यजीव संरक्षण की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। डोटी की मौत के मामले में भी वास्तविक कारणों की पुष्टि होने का इंतजार है।
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