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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 25, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में हाथी महोत्सव की तैयारियां शुरू, 17 हाथी होंगे शामिल

सितंबर के पहले सप्ताह में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में आयोजित होगा महोत्सव।

By Hemant UpadhyayEdited By: Hemant Upadhyay
Publish Date: Sun, 25 Aug 2019 06:43:45 PM (IST)Updated Date: Mon, 26 Aug 2019 09:25:08 AM (IST)
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में हाथी महोत्सव की तैयारियां शुरू, 17 हाथी होंगे शामिल

उमरिया। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में इन दिनों हाथी महोत्सव की तैयारियां की जा रही हैं। हाथी महोत्सव का शुभारंभ सितंबर के पहले सप्ताह में होगा। महोत्सव में सात दिन हाथियों के लिए विशेष इंतजाम किए जाते हैं। उन्हें पसंदीदा भोजन दिया जाता है। महोत्सव में 17 हाथी शामिल होंगे।

एसडीओ अनिल शुक्ला ने बताया कि हाथी महोत्सव के दौरान हाथियों की सेवा का सिलसिला अलसुबह से ही शुरू हो जाता है। सुबह महावत हाथियों को नहलाते हैं और उनके नाखून काटकर उन्हें सजाया-संवारा जाता है। तेल से मालिश के बाद विशेषज्ञों व चिकित्सक हाथियों का स्वास्थ्य परीक्षण करते हैं। इसके बाद उनका प्रिय भोजन और फल खिलाए जाते हैं। आम तौर पर हाथियों को दिए जाने वाला भोजन निर्धारित है, लेकिन महोत्सव के दौरान उन्हें भरपेट भोजन कराया जाता है।


ताला में लगेगा कैंप

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में ताला गेट के पास कैंप लगाया जाएगा। यहीं पर चरण गंगा नाले में हाथी नहाते हैं। डॉ. नितिन गुप्ता ने बताया कि हाथियों को वर्ष में एक बार यहां रखकर उनके स्वास्थ्य आदि की जांच की जाती है। इसके बाद हाथियों को फिर से जंगल में गश्त के लिए रवाना कर दिया जाता है। महोत्सव में सभी हाथी एक परिवार के रूप में एकत्र होते हैं और आपस में मौज-मस्ती करते हैं। बाद में ये कैम्पों में विभाजित हो जाते हैं।

हाथियों का कुनबा बढ़ा

बांधवगढ़ में एक समय हाथियों की कमी बनी हुई थी, लेकिन आज यहां 17 हाथी हैं। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पनपथा और पतौर रेंज में छत्तीसगढ़ और झारखंड से आए हुए जंगली हाथी भी विचरण कर रहे हैं, जिनकी संख्या 45 से 60 के बीच है।