उमरिया। उमरिया जिले के दो रेलवे स्टेशनों में उत्कल एक्सप्रेस को भी स्टॉपेज नहीं दिया जा रहा है। इस बारे में मिली जानकारी के अनुसार उमरिया जिले के नौरोजाबाद और चंदिया रेलवे स्टेशन में उत्कल एक्सप्रेस को स्टॉपेज नहीं दिया गया है। पहले भी उमरिया के कई रेलवे स्टेशनों में कई ट्रेनों का स्टॉपेज नहीं दिया गया था। कोविड के प्रकोप के बाद ट्रेनों को स्पेशल बनाकर चलाया जा रहा है लेकिन सुविधाओं में कटौटी करके लोगों की उपेक्षा भी की जा रही है। जिन स्टेशनों में ट्रेनों का पहले स्टॉपेज था वहां अब स्टॉपेज नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

पाली और उमरिया में स्टॉपेजः 27 जनवरी से उत्कल एक्सप्रेस को स्पेशल ट्रेन के रूप में शुरू किया जा रहा है जो बिरसिंहपुर पाली और उमरिया रेलवे स्टेशन पर रूकेगी। नौरोजाबाद और चंदिया रेलवे स्टेशन में इस ट्रेन को स्टॉपेज नहीं दिए जाने से लोगों में खासी नाराजगी है। रेलवे द्वारा 27 जनवरी से पुरी से योग नगरी ऋषिकेश के बीच स्पेशल ट्रेन चलाई जा रही है। 22 कोच के साथ पुरी से ऋषिकेश के लिए यह ट्रेन 30 अप्रैल तक चलेगी। 27 जनवरी से पुरी से चलने वाली ट्रेन क्रमांक 08477 शहडोल शाम 6ः15 पर पहुंचेगी और 6ः20 पर प्रस्थान करेगी। इसी तरह ट्रेन क्रमांक 08478 योग नगरी ऋषिकेश से 30 जनवरी से 3 मई तक चलेगी। यह ट्रेन शहडोल सुबह 5ः10 पर पहुंचेगी और 5ः15 पर प्रस्थान करेगी। वाणिज्यिक निरीक्षक शहडोल प्रकाश कुमार साहू ने बताया की उक्त ट्रेन में कंफर्म रिजर्वेशन टिकट वाले यात्री ही यात्रा कर सकेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि यात्रा के दौरान कोविड-19 के नियमों का पूरी तरह से पालन करना होगा।

रेग्यूलर ट्रेनें कब तकः रेलवे की कार्यप्रक्रिया नागरिकों की समझ से बाहर है। उनका कहना है कि जब टे्रने शुरू ही की जा रही हैं, तो उन्हें स्पेशल का दर्जा देकर क्यों चलाया जा रहा है, और जब स्पेशल गाड़ियों के चलने से कोरोना नहीं फैलेगा तो रेग्यूलर ट्रेने चलाने मे दि-त ही क्या है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा शहडोल संभाग की घोर उपेक्षा का दौर अब भी जारी है। बीते करीब 9 महीनो से क्षेत्र से गुजरने वाली अधिकांश ट्रेने बंद हैं। जिसकी वजह से दिल्ली, उत्तरप्रदेश, पश्चिम बंगाल, राजस्थान छत्तीसगढ; आदि की ओर यात्रा करने वाले लोगों को भारी परेशानी के सांथ ही आर्थिक चपेट का सामना करना पड़ रहा है। रेलवे की इस उपेक्षा का दंश उमरिया जिले के पर्यटन उद्योग को भी झेलना पड़ रहा है। हालत यह है कि पिछले दिनो शुरू की गई सारनाथ एक्सप्रेस का स्टापेज जिला मुख्यालय और चंदिया स्टेशनो पर नहीं दिया गया है। इस संबंध मे क्षेत्रीय सांसद से लेकर रेलवे के उधा अधिकारियों तक से मांग की गई परंतु सभी ने जैसे मौन साध लिया है।

Posted By: Nai Dunia News Network

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

 
Show More Tags