
नईदुनिया प्रतिनिधि, उमरिया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को जिले के गुरुवाही में लाड़ली बहना योजना की 41वीं किस्त जारी की। प्रदेश की करीब एक करोड़ 25 लाख पात्र महिलाओं के बैंक खातों में 1,500 रुपये के हिसाब से 1,836 करोड़ रुपये अंतरित किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के नेता सवाल उठाते हैं कि बहनों के खातों में इतना पैसा क्यों भेजा जाता है।
वे कहते हैं कि आदिवासी बहनें इस पैसे से शराब पीती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के नेताओं को बहन-बेटियों के सम्मान की चिंता नहीं है। उनकी सरकार लाड़ली बहना योजना के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक सहायता देकर आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास कर रही है। इस मौके पर सीएम ने कहा कि वन्यजीवों के हमले में गंभीर रूप से घायल को एयर एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब हाथियों के हमले में किसी व्यक्ति की मौत होने पर पीड़ित परिवार को 25 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। मध्य प्रदेश में हाथियों की मौजूदगी कोई नई बात नहीं है। लगभग सौ साल पहले भी प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में हाथी पाए जाते थे।
उन्होंने कहा कि समय के साथ वन्यजीवों की गतिविधियों और उनके विचरण क्षेत्रों में बदलाव आया है। हाथियों की आवाजाही के कारण कई बार ग्रामीण क्षेत्रों में मानव-वन्यजीव संघर्ष की स्थिति बनती है। ऐसे में वन्यजीवों के संरक्षण के साथ आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी आवश्यक है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने और स्थानीय लोगों की आय बढ़ाने के लिए होमस्टे योजना को प्रोत्साहित किया जा रहा है। होमस्टे के लिए पंजीयन कराने वालों को तीन लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। इससे ग्रामीणों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में मदद मिलेगी।
होमस्टे योजना के माध्यम से पर्यटक स्थानीय परिवेश, खानपान और संस्कृति से परिचित हो सकेंगे और ग्रामीण परिवारों को आजीविका के नए साधन मिलेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि कटनी के स्लीमनाबाद में भूमिगत सुरंग निर्माण से पूरे विंध्य क्षेत्र की तस्वीर बदल जाएगी और पांच जिलों को नर्मदा जल मिलेगा।
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