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उमरिया में कुपोषण से सात वर्षीय सनम की मौत, सही समय पर नहीं मिला पोषण और उपचार, कलेक्टर ने भेजा जांच दल

करकेली ब्लॉक के नरवार-25 गांव में सात वर्षीय आदिवासी बालक सनम बैगा की मौत ने जिले में कुपोषण और बच्चों की स्वास्थ्य निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़...और पढ़ें

By SanjayKumar SharmaEdited By: Nitin Kumar
Publish Date: Tue, 01 Sep 2026 03:21:25 PM (IST)Updated Date: Tue, 01 Sep 2026 03:21:25 PM (IST)
उमरिया में कुपोषण से सात वर्षीय सनम की मौत, सही समय पर नहीं मिला पोषण और उपचार, कलेक्टर ने भेजा जांच दल
कुपोषण से पीड़ित सात वर्षीय मासूम की मौत (सांकेतिक तस्वीर)

HighLights

  1. उमरिया में कुपोषण से मासूम की मौत
  2. पोषण और उपचार नहीं मिलने का आरोप
  3. कलेक्टर राखी सहाय ने भेजा जांच दल

नईदुनिया प्रतिनिधि,उमरिया। करकेली ब्लॉक के नरवार-25 गांव में सात वर्षीय आदिवासी बालक सनम बैगा की मौत ने जिले में कुपोषण और बच्चों की स्वास्थ्य निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस मामले को कलेक्टर राखी सहाय ने गंभीरता से लिया है और जांच दल को गांव में भेज दिया है।

कलेक्टर राखी सहाय का कहना है कि जांच के बाद ही इस मामले में कुछ कहा जा सकता है। परिजनों के अनुसार, सनम लंबे समय से बेहद कमजोर था। हालत इतनी खराब थी कि वह ठीक से चल और अपने पैरों पर खड़ा भी नहीं हो पाता था।


परिवार ने उसके इलाज के लिए उमरिया, शहडोल, कटनी और जबलपुर तक के अस्पतालों में उपचार कराया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका।

पिता का आरोप

सनम के पिता अमृतलाल बैगा का आरोप है कि बच्चे की गंभीर हालत के बावजूद आंगनबाड़ी और स्वास्थ्य विभाग की ओर से नियमित निगरानी नहीं की गई। उन्होंने बताया कि सनम कुपोषित और बेहद कमजोर था, लेकिन किसी विभाग ने उसकी समुचित देखभाल नहीं की। उन्होंने कहा कि इलाज के लिए परिवार को स्वयं खर्च उठाना पड़ा।

नहीं हुई देखभाल

सनम की मां लक्ष्मी बैगा ने भी आरोप लगाया कि आंगनबाड़ी या स्वास्थ्य विभाग का कोई कर्मचारी नियमित रूप से बच्चे की स्थिति देखने नहीं आया। उनका कहना है कि परिवार को पोषण आहार भी नहीं मिला और बच्चे का इलाज उन्होंने अपने स्तर पर कराया।

नहीं दिया गया ध्यान

परिजनों के मुताबिक, सनम के जन्म के बाद कुछ समय तक अधिकारियों ने घर का दौरा किया था, लेकिन बाद में उसकी बिगड़ती सेहत की नियमित निगरानी नहीं की गई। मामले की जानकारी सामने आने के बाद प्रशासन ने जांच के निर्देश दिए हैं।

बांधवगढ़ एसडीएम अंबिकेश सिंह ने कहा कि मामला संज्ञान में आया है और तत्काल जांच कराई जाएगी। जांच के बाद जो भी आवश्यक कार्रवाई होगी, वह की जाएगी।