अब मध्य प्रदेश के टाइगर रिजर्वों में 'नो फोन' सफारी, मोबाइल मिलने पर होगी कानूनी कार्रवाई, एक अक्टूबर से खुलेंगे बाघ अभयारण्य
मध्य प्रदेश के टाइगर रिजर्वों में नए पर्यटन सत्र में सफारी के लिए नियम भी सख्त होने जा रहे हैं। पार्क के भीतर अब मोबाइल का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित र...और पढ़ें
Publish Date: Wed, 30 Sep 2026 08:31:49 AM (IST)Updated Date: Wed, 30 Sep 2026 08:31:49 AM (IST)
फाइल फोटोHighLights
- मध्य प्रदेश के बाघ अभयारण्य में मोबाइल बैन
- सफारी के दौरान फोन मिलने पर होगी कार्रवाई
- एक अक्टूबर से खोले जा रहे टाइगर रिजर्व
नईदुनिया प्रतिनिधि, उमरिया। मध्य प्रदेश के टाइगर रिजर्वों में नए पर्यटन सत्र में सफारी के लिए नियम भी सख्त होने जा रहे हैं। पार्क के भीतर अब मोबाइल का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
पर्यटक जिप्सी में मोबाइल लेकर जा तो सकेंगे लेकिन उसे स्विच ऑफ कर विशेष बॉक्स में रखना होगा। इस पर ताला लगा रहेगा यानी सफारी के दौरान फोटो या वीडियो नहीं बनाए जा सकेंगे।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद लगा प्रतिबंध
बॉक्स की चाबी जिप्सी के ड्राइवर के पास रहेगी। सफारी खत्म होने के बाद ही पर्यटकों को मोबाइल वापस मिल सकेगा। पिछले वर्ष ही सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद टाइगर रिजर्वों में मोबाइल ले जाने पर प्रतिबंध लगाया गया था लेकिन इसका पालन अपेक्षित सख्ती से नहीं करवाया जा सका।
मोबाइल मिलने पर होगी कानूनी कार्रवाई
नए सत्र में पार्क प्रबंधन इसे लेकर किसी तरह की ढील देने के मूड में नहीं है। मोबाइल पर प्रतिबंध के पालन की जिम्मेदारी केवल पर्यटक की नहीं होगी। यदि किसी पर्यटक के हाथ में मोबाइल फोन पाया जाता है तो उसके साथ संबंधित जिप्सी चालक और गाइड के खिलाफ भी प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की जाएगी।
एक अक्टूबर से खुलेंगे टाइगर रिजर्व
बता दें, एक अक्टूबर से टाइगर रिजर्व पर्यटकों के लिए खोले जा रहे हैं। इसका उद्देश्य जंगल सफारी के दौरान पर्यटकों की गतिविधियों को नियंत्रित करने के साथ वन्य जीवों की सुरक्षा और उनके प्राकृतिक व्यवहार में व्यवधान को रोकना है।
पार्क के अंदर मोबाइल का उपयोग सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद से बंद कराया गया है। इसे सख्ती से लागू करने के लिए कहा गया है। डॉक्टर समिता राजौरा, पीसीसीएफ, वन्य जीव, मध्य प्रदेश