
नईदुनिया प्रतिनिधि, उमरिया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के उमरिया जिले में प्रस्तावित आगमन से पहले ही कांग्रेस नेताओं को पुलिस और प्रशासन की ओर से नोटिस जारी किए जाने का मामला सामने आया है। जिले में 100 से अधिक कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को शांति भंग की आशंका के चलते नोटिस दिए जाने की जानकारी सामने आई है।
इनमें भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 126 और 135 के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। मुख्यमंत्री के आगमन से पहले हुई इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ने की संभावना है।
जानकारी के अनुसार, युवा कांग्रेस ने मुख्यमंत्री के आगमन पर काले झंडे दिखाकर विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की थी। इसके बाद प्रशासन सक्रिय हो गया है। आशंका जताई जा रही है कि विरोध प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इसी के मद्देनजर कांग्रेस नेताओं को नोटिस जारी कर कार्यपालिक मजिस्ट्रेट के समक्ष उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए जा रहे हैं।

बिरसिंहपुर पाली तहसील के कार्यपालिक मजिस्ट्रेट न्यायालय से जारी नोटिस में संबंधित व्यक्ति को निर्धारित तिथि पर उपस्थित होकर यह स्पष्ट करने के लिए कहा गया है कि उससे शांति भंग होने की आशंका क्यों न मानी जाए। नोटिस में छह महीने की अवधि तक शांति बनाए रखने के लिए पांच हजार रुपये का बंधपत्र भरने तथा नियमानुसार जमानतदार प्रस्तुत करने का उल्लेख भी किया गया है।
मुख्यमंत्री के दौरे से पहले कांग्रेस नेताओं को नोटिस दिए जाने से जिले का राजनीतिक माहौल गर्माने के आसार हैं। युवा कांग्रेस की काले झंडे दिखाने की घोषणा के बाद प्रशासन किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सतर्क नजर आ रहा है।
वहीं, कांग्रेस नेताओं के खिलाफ की जा रही प्रतिबंधात्मक कार्रवाई को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आ सकती है। हालांकि, नोटिस पाने वाले सभी नेताओं की संख्या, उनके नाम और कार्रवाई के संबंध में प्रशासन की विस्तृत जानकारी सामने आने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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