
नवदुनिया प्रतिनिधि, विदिशा। सर, शहर में 16 साल के बच्चों को गांजा और दूसरे नशीले पदार्थ आसानी से मिल जाते हैं, लेकिन पुलिस को क्यों नहीं मिलते? यह सवाल बुधवार को बरईपुरा स्थित सांदीपनि विद्यालय में आयोजित नशे से दूरी है जरूरी 2.0 अभियान के शुभारंभ कार्यक्रम में एक छात्र ने पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी से पूछा। छात्र के इस सवाल ने कार्यक्रम में मौजूद सभी लोगों का ध्यान खींच लिया।
वहीं एक अन्य छात्र ने कहा कि जब हर जगह शराब की दुकानें संचालित हो रही हैं तो फिर नशे के खिलाफ अभियान चलाने की जरूरत क्यों पड़ रही है, पहले इन्हें ही बंद कराया जाना चाहिए।
विद्यार्थियों के इन सवालों का जवाब देते हुए एसपी रोहित काशवानी ने कहा कि नशे के खिलाफ पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है और लोगों के सहयोग से इसे और प्रभावी बनाया जाएगा। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि यदि कहीं भी नशीले पदार्थों की बिक्री की जानकारी मिले तो उसकी सूचना पुलिस को दें, ताकि तत्काल कार्रवाई की जा सके।
एसपी ने कहा कि नशा केवल एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज के भविष्य को प्रभावित करता है। अवैध नशीले पदार्थों का सेवन शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के साथ शिक्षा, करियर, आर्थिक स्थिति और पारिवारिक जीवन पर भी गंभीर दुष्प्रभाव डालता है।
उन्होंने विद्यार्थियों से नशे और गलत संगति से दूर रहने तथा अपने मित्रों और परिवार के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।
पुलिस द्वारा शुरू किए गए 15 दिवसीय नशे से दूरी है जरूरी 2.0 अभियान के तहत शहर से लेकर गांव तक लोगों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया जाएगा। कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारी संस्था की सपना दीदी ने मेडिटेशन के माध्यम से सकारात्मक सोच और तनावमुक्त जीवन का संदेश दिया।
अंत में एसपी ने छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और अधिकारियों को नशामुक्त समाज के निर्माण की शपथ दिलाई। कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे, यातायात थाना प्रभारी निरीक्षक आशीष राय, सूबेदार मेघा शर्मा, सांदीपनि विद्यालय के प्राचार्य, शिक्षक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।