
नईदुनिया प्रतिनिधि, विदिशा। विदिशा जिला अस्पताल में शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब शराब ठेकेदार के कर्मचारियों और अवैध शराब बेचने वालों के बीच विवाद हिंसक हो गया। इमरजेंसी वार्ड में हुई चाकूबाजी में दो लोग घायल हो गए, जबकि अस्पताल परिसर में जमकर तोड़फोड़ भी की गई।
घटना के दौरान मरीजों के पर्चे बनाने वाले कक्ष के कांच टूट गए और कंप्यूटर सिस्टम क्षतिग्रस्त हो गया। इससे कुछ समय तक पर्चे बनना बंद हो गए। नर्सिंग स्टाफ, डॉक्टरों और मरीजों में दहशत का माहौल बन गया।
जानकारी के अनुसार शुक्रवार-शनिवार की रात करीब तीन बजे दुर्गानगर चौराहे पर एक चार्टर्ड बस और चार पहिया वाहन की भिड़ंत हो गई थी। हादसे में चार पहिया वाहन में सवार शराब ठेकेदार के कर्मचारी आयुष, दौलत, सुरेंद्र और आकाश घायल हो गए थे।
सूचना मिलने पर उनके साथी मोहनगिरि निवासी गीतेश अहिरवार और कपिल लोधी सहित अन्य लोग उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंचे थे।
गीतेश अहिरवार के अनुसार, इसी दौरान शेरपुरा निवासी अक्षय जैन, प्रिंस कुचबंदिया, चना और एक अन्य युवक अस्पताल पहुंच गए। आरोप है कि उन्होंने पुरानी रंजिश के चलते गाली-गलौज शुरू कर दी और रुपये मांगने लगे। विरोध करने पर आरोपियों ने चाकू से हमला कर दिया।
हमले में गीतेश अहिरवार और कपिल लोधी घायल हो गए।
यह भी पढ़ें- विदिशा में अवैध संबंध के शक में पत्नी की हत्या, 2 साल के बेटे को जंगल में छोड़ा; 20 घंटे बाद रोता-बिलखता मिला मासूम
कोतवाली पुलिस ने गीतेश की शिकायत पर चारों आरोपियों के खिलाफ अड़ीबाजी, चाकूबाजी, एससी-एसटी एक्ट सहित अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है।
पुलिस ने शेरपुरा निवासी 27 वर्षीय अक्षय जैन और एक विधि विरुद्ध बालक को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। न्यायालय ने अक्षय जैन को जेल भेज दिया, जबकि बालक को बाल संप्रेक्षण गृह भेजा गया है।
घटना से डॉक्टर और कर्मचारी भयभीत हैं। अस्पताल प्रबंधन ने भी पुलिस को लिखित शिकायत सौंपी है। उन्होंने कहा कि हंगामे के दौरान कंप्यूटर और केबिन के कांच सहित अन्य सामान को नुकसान पहुंचा है।- डॉ. अनूप वर्मा सिविल सर्जन, जिला अस्पताल विदिशा।