विदिशा। जिले के हैदरगढ़ में बुधवार को ईद के मौके पर सार्वजनिक स्थल पर पशु की बलि देने को लेकर गांव में तनाव फैल गया। हिंदू जागरण मंच सहित आसपास के गांव के लोग वहां एकत्रित हो गए। सूचना मिलने पर तत्काल अफसर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे ओर दोनों पक्षों से बात कर मामला शांत कराया गया। पुलिस की समझाइश पर मुस्लिम समाज द्वारा निजी स्थानों पर पशु की बलि दी गई। तनाव को देखते हुए पुलिस ने गांव में दस लोगों का सुरक्षा बल तैनात किया गया है। देर शाम तक एसडीएम बृजेद्र रावत, एसडीओपी भारत भूषण शर्मा, तहसीलदार मौजूद रहे। एएसपी संजय साहू ने बताया कि साल 2013-14 में ग्राम पंचायत ने आम सभा में प्रस्ताव पारित कर मदरसा के पास बाउंड्री के अंदर पाड़े की बलि देने की अनुमति दी थी। जिन लोगों को बलि देना होती थी वह वहां अपने पाड़े लेकर आते थे और बलि देते थे। यह सिलसिला दो दिन तक चलता रहता था, लेकिन बुधवार की सुबह हिंदूवादी संगठनों के कुछ लोग वहां एकत्रित हो गए और उन्होंने सार्वजनिक स्थल पर बलि देने का विरोध किया। उनका कहना था कि पूर्व की ग्राम पंचायत ने अनुमति दी थी, लेकिन अब दूसरी ग्राम पंचायत बनी है जिसने अनुमति नहीं दी है। गांव में तनाव की स्थिति देखते हुए प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। इधर, मुस्लिम समाज को भी समझाइश दी गई। जिसके बाद वे निजी क्षेत्र में कुर्बानी देने के लिए तैयार हो गए। इस संबंध में हिंदू जागरण मंच के जिलाध्यक्ष धर्मेद्र मिश्रा का कहना है कि वहां पर स्थानीय लोगों ने दो दिन पहले पुलिस और प्रशासन को इस बात को लेकर आवेदन दिया था। लेकिन प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। सूत्रों के अनुसार मुस्लिम समाज ने भी एसडीएम बृजेन्द्र रावत को आवेदन सौंपकर सार्वजनिक जगह पर कुर्बानी की अनुमति मांगी थी। लेकिन स्थानीय प्रशासन ने ना तो अनुमति दी और ना ही रोक लगाई। उन्हें परंपरा अनुसार ईद मनाने की बात कही गई। प्रशासन द्वारा त्योहार के पूर्व दोनों पक्षों को बैठाकर पहले बातचीत नहीं की गई। जिसका नतीजा बुधवार को तनाव के रूप में सामने आया। हालांकि जिला स्तर के अधिकारियों की सक्रियता के कारण गांव में कानून व्यवस्था की स्थिति उत्पन्ना् नहीं हो पाई।