विदिशा(नवदुनिया प्रतिनिधि)। साल 2022 सरकारी स्कूल कॉलेजों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए ढेर सारी उम्मीदों भरा रहेगा। नया साल सरकारी शिक्षण संस्थाओं में उच्च गुणवत्ता की शिक्षा और सुविधा को पूरा करेगा। नए स्कूल और कॉलेज भवन, रहने के लिए आवास और अच्छी गुणवत्ता युक्त शिक्षा के लिए सीएम राइज स्कूल जैसे प्रोजेक्ट इसी नए साल का हिस्सा हैं। कुल मिलाकर ये नया साल शिक्षा के लिहाज से कई सपनों को पूरे करने वाला है। विदिशा को शिक्षा का हब बनाने का मुख्यमंत्री का सपना है। इसी सपने को सच करने के लिए कई नए प्रोजेक्ट विदिशा में आए, नया अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज, ब्लॉक में नए कॉलेज भवन जैसे कई प्रोजेक्ट 2021 तक पूरे हो गए। तो वहीं साल 2022 में 17 नए हायर सेकंड्री स्कूल भवन, छात्रावास, 51 प्राथमिक और मिडिल स्कूल नए भवन, कॉलेज में मल्टीपरपस हॉल, साइंस लोबोरिटी कक्ष और 12 करोड़ की लागत से बन रहा जिले का पहला मॉडल कॉलेज सहित बासौदा में बन रहा नया केंद्रीय विद्यालय भवन भी इसी साल बनकर तैयार हो जाएंगे। स्कूल शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा, इंजीनियरिंग, मेडिकल शिक्षा तक अब जिले में मिल रही है। नए प्रोजेक्ट पूरे होने से विदिशा के शिक्षा का हब बनने का सपना साल 2022 में पूरा हो सकेगा।
पेयजल की सुविधा, खेल मैदानों का विकास होगा
जिले के शासकीय स्कूलों में बच्चों को शुद्ध पेयजल के लिए उपलब्ध कराने इस साल प्रत्येक स्कूल में नल जल योजना के तहत काम होंगे। शिक्षा विभाग पीएचई विभाग के माध्यम से हर स्कूल में तीन तीन कनेक्शन देने की तैयारी कर रहा है। पहला कनेक्शन पीने के पानी का होगा तो दूसरा शौचालय और तीसरा कनेक्शन गार्डन या परिसर में लगे पौधों को पानी देने के लिए रहेगा। स्कूल में खेल मैदानों का विकास भी होगा। जिले में खेलों और खेल मैदानों का विकास करने के लिए मास्टर ट्रेनर्स तैयार किए हैं जो स्कूलों के शिक्षकों को खेलों का विकास किस तरह करना है उसका प्रशिक्षण देंगे।
जिले में 7 सीएम राइज स्कूलों का निर्माण होगा
साल 2022 उच्च गुणवत्ता की शिक्षा का श्रीगणेश करने जा रहा है। शासकीय स्कूलों को निजी स्कूलों के बराबर में लाने के लिए जिले में सात सीएम राइज स्कूल खुलने जा रहे हैं।इस साल अलग अलग सात ब्लॉक में स्कूल के लिए भवन निर्माण की शुरुआत हो जाएगी। इसके अलावा स्कूलों के लिए शिक्षकों की भर्ती, प्राचार्यों की भर्ती की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। स्कूल निर्माण के लिए जगह निर्धारित की जा रही है, कक्षा पहली से लेकर बारहवी तक बनने वाले ये स्कूल निजी स्कूलों की टक्कर के होंगे जहां बच्चों में पढ़ाई के साथ साथ शारीरिक विकास भी होगा। जिले में 200 ऐसे स्कूल बनने हैं लेकिन पहले चरण में सात बनेंगे जो हर ब्लॉक में एक रहेगा।
नई शिक्षा नीति से आएगा शिक्षा में बदलाव
उच्च शिक्षा विभाग ने नई शिक्षा नीति को लागू कर दिया है। नई शिक्षा नीति के तहत अब कॉलेज के छात्रों में पढ़ने के तरीकों में कई बदलाव सामने आएंगे। उन्हें हर फील्ड की जानकारी मिलेगी, कौशल विकास मजबूत होगा। पहले एक विषय लेने के बाद आप दूसरे संकाय का विषय नहीं पढ़ सकते थे, लेकिन नई शिक्षा नीति से कला संकाय का विद्यार्थी भी यदि चाहे तो गणित, कैमेस्ट्री या अकाउंट और कम्प्यूटर की पढ़ाई भी कर सकता है। अब विषय अपनी मर्ची से चुनकर छात्र पढ़ाई करेंगे। न केवल विषय बल्कि कौशल विकास बढ़ाने भी अलग अलग कोर्सेस उपलब्ध हैं। विदिशा कन्या महाविद्यालय में छात्राओं के लिए ऐसे 21 तरह के कोर्स हैं। इसी के तहत शासकीय कॉलेजों में स्नातक छात्रों के लिए योगा प्रशिक्षण की शुरुआत हो चुकी है।
उत्कृष्ट स्कूल और गर्ल्स कॉलेज में हॉस्टल की सुविधा
नए साल में स्कूल से लेकर कॉलेज स्तर तक के विद्यार्थियों को शिक्षण परिसर में ही आवास की सुविधा मिलने जा रही है। शहर के उत्कृष्ट स्कूल परिसर में बालक बालिका के लिए 100-100 सीटर छात्रावास बन रहे हैं जो 2022 में पूर्ण हो जाएंगे। करीब 8 करोड़ रुपये से बन रहे इन छात्रावासों में दसवीं में उच्च अंक लाने वाले विद्यार्थी यहां रहकर कॉम्पटीशन परीक्षाओं की तैयारी कर सकेंगे। इसी तरह शासकीय गर्ल्स कॉलेज में भी 100 सीटर छात्रावास बन रहा है तो इसी वर्ष पूर्ण होगा।कॉलेज परिसर में ही मल्टीपरपस हॉल जहां इंडोर गेम खेलने की सुविधा होगी, साइंस लेबोरिटी के कक्ष, भाषा लैब बन रहे हैं जहां छात्राओं को भाषा के सही उच्चारण का ज्ञान दिया जाएगा।
शिक्षकों की कमी पूरी की
पिछले वर्ष जिले के स्कूलों में शिक्षकों की कमी थी जो बच्चों को अच्छी शिक्षा देने में बड़ी कमी और चुनौती थी, इसके अलावा पुराने स्कूल भवन, कक्षाओं की कमी से भी जूझना पड़ रहा था। लेकिन जिले में 300 शिक्षकों की नियुक्ति हो गई है वहीं इस साल 17 नए हायर सेकंड्री स्कूल भवन बनकर तैयार हैं जो इसी साल से शुरू भी हो जाएंगे। साल 2022 में सबसे बड़ा प्रोजेक्ट सीएम राइज स्कूल शुरू करने की तैयारी है।
- अतुल मोदगिल, जिला शिक्षा अधिकारी
नई नीति से नए कोर्सेस मिले
नई शिक्षा नीति लागू हो गई है इस नई नीति के तहत कॉलेज के विद्यार्थियों को अपने विषय के साथ साथ दूसरे संकाय के विषयों को पढ़ने का अवसर भी मिल रहा है जो सबसे बड़ा फायदा है। विद्यार्थी अपनी पसंद से विषय चुन सकते हैं जो विषय वे नहीं पढ़ना चाहते वह छोड़ सकते हैं उन पर किसी तरह का दबाव नहीं होगा। नई शिक्षा नीति के तहत बच्चों को नंबर नहीं क्रेडिट मिलेगा। उनका कौशल विकास भी होगा।
- डा. मंजू जैन, लीड कालेज प्राचार्य