इंदौर। शिवाजी प्रतिमा जंक्शन से बायपास तक व्हाइट चर्च लिंक रोड की बंद पड़ी सेंटर लाइट नगर निगम और आईडीए के बीच फुटबॉल बन गई है। दोनों इसे सुधारने की जवाबदारी एक-दूसरे पर डाल रहे हैं। पिछले दिनों निगमायुक्त मनीष सिंह ने कहा था कि लाइट का रखरखाव रोड बनाने वाले आईडीए के ठेकेदार के जिम्मे है और आईडीए को इसे सुधारना चाहिए। अब आईडीए सीईओ राकेश सिंह ने निगमायुक्त को पत्र लिखकर स्पष्ट कर दिया है कि लाइट सुधारना संभव नहीं है, उसे निगम अपने स्तर पर सुधारे।

व्हाइट चर्च रोड शहर को पूर्वी रिंग रोड और बायपास से जोड़ती है। इसके आसपास अहम व्यावसायिक और आवासीय क्षेत्र हैं। उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ के दौरान भी रोड का इस्तेमाल खूब हो रहा है। हजारों यात्री, वाहन चालक रोज वहां से गुजरते हैं। रिंग रोड के पीपल्याहाना जंक्शन से बायपास के बीच रोड पर अंधेरे के कारण लोग काफी परेशान हो रहे हैं। कई बार इसकी शिकायत की जा चुकी है।

'नईदुनिया' लगातार इस मुद्दे को उठा रहा है कि बीआरटीएस और व्हाइट चर्च रोड की लाइट छह-आठ महीनों से बंद पड़ी है। अंधेरे से लोग परेशान हैं, लेकिन आईडीए और निगम, दोनों आंखें मूंदकर बैठे हैं। इसी के बाद आईडीए ने बीआरटीएस कॉरिडोर की बंद लाइट सुधारने का काम शुरू कराया और सीईओ ने व्हाइट चर्च रोड की बंद लाइट सुधारने के लिए निगमायुक्त को पत्र लिखा।

आईडीए ने निगम को बताए ये तथ्य...

- व्हाइट चर्च रोड का काम जून-12 में पूरा हो चुका है। इसका उद्घाटन 20 जनवरी-13 को हुआ।

- अनुबंध के मुताबिक काम समाप्ति के तीन साल तक लाइट सुधारने की जिम्मेदारी रोड बनाने वाली कंपनी नीरज सीमेंट की थी। यह अवधि 1 जुलाई-12 से शुरू हुई और 30 जून-15 को खत्म हो चुकी है।

- संधारण अवधि खत्म होने के कारण अब सेंटर लाइटिंग सुधरवाना संभव नहीं है।

- सीईओ ने बताया कि यह रोड गैर योजना मद में बनाई गई थी। शिवाजी प्रतिमा जंक्शन से रिंग रोड तक आईडीए की कोई योजना नहीं है। रिंग रोड से बायपास तक आईडीए द्वारा विकसित स्कीम-140 निगम को हस्तांतरित हो चुकी है। वित्तीय और तकनीकी रूप से भी अब लाइट सुधरवाना आईडीए के लिए संभव नहीं है, इसलिए बंद लाइट निगम अपने स्तर पर सुधारे।

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