अक्सर जीएस को लेकर विद्यार्थियों के मन में हौवा बना रहता है। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की विज्ञप्ति में सामान्य ज्ञान का सिलेबस काफी विस्तार से दिया जाता है। इसमें सामान्य विज्ञान, राजनीतिशास्त्र, अर्थशास्त्र, इतिहास, भूगोल, समसामयिक घटनाक्रम, न्यूमेरिकल एबिलिटी, रीजनिंग एबिलिटी, कम्प्यूटर ज्ञान, कल्चर सहित कई विषय समाहित होते हैं। सिलेबस देखकर ही लगता है कि इसकी तैयारी काफी कठिन है। हालांकि ऐसा होता नहीं है। अगर सही रणनीति बनाकर और व्यवस्थित रूप से जीएस की तैयारी की जाए, तो यह उतना भी कठिन नहीं, जितना परीक्षार्थी इसे समझते हैं। जानते हैं कैसे आप इस कठिन-से लगने वाले विषय की बेहतर तैयारी कर सकते हैं।
नोट्स बनाएं
सबसे पहली बात तो यह कि आपको जीएस के महत्वपूर्ण नोट्स को अपडेट करते रहना चाहिए। नोट्स बनाने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि आपको एक ही विषय के किसी चैप्टर को बार-बार नहीं पढ़ना पड़ता है, क्योंकि पहली बार पढ़ने के दौरान ही आप उसे नोट कर चुके होते हैं। दोबारा जब भी पढ़ना हो, आप नोट्स से ही पढ़ेंगे। नोट्स से पढ़ना आसान भी होता है, क्योंकि हमें सिर्फ महत्वपूर्ण और चुनिंदा प्रश्न ही पढ़ने पड़ते हैं। इसका दूसरा फायदा यह है कि हमें वर्कलोड का एहसास नहीं होता और हम आसानी से पढ़ाई कर पाते हैं।
केवल किताबों से पढ़कर ही नोट्स न बनाएं, बल्कि यह रुटीन बना लें कि आपको प्रत्येक दिन कम से कम एक अखबार पढ़ना ही है और उस अखबार में संपादकीय पेज तो खास तौर पर पढ़ना है क्योंकि उस पन्नो पर समसामयिक विषयों पर लेख और विचार पढ़ने को मिलते हैं। इसमें जो भी महत्वपूर्ण बातें लगें, उन्हें नोट्स में शामिल करें। यह जीएस की तैयारी में काफी काम आएगा।
गहराई में जाएं
परीक्षा के लिए जब आप जीएस की तैयारी कर रहे हों, तो यह मानकर चलें कि केवल मॉडल सेट हल करने या पिछले 10 वर्षों में पूछे गए प्रश्नों को हल करने से ही आपकी तैयारी पूरी नहीं हो जाएगी। डेप्थ स्टडी जरूरी है। मन लगाकर हर विषय को गहराई में जाकर पढ़ें और सभी महत्वपूर्ण टॉपिक्स या बातों को या तो किताब में अंडरलाइन करते चलें या फिर उनके नोट्स बना लें। आपको केवल मुद्दों या विषय की जानकारी ही नहीं होना चाहिए, बल्कि उसकी छोटी-छोटी महत्वपूर्ण बातों की पूरी जानकारी आपके पास होनी चाहिए, तभी आप जीएस में पूछे गए प्रश्नों के उत्तर आसानी से दे पाएंगे।
इंटरनेट की मदद
आज ज्यादातर विद्यार्थियों के पास स्मार्टफोन है। अगर आप भी उनमें से एक हैं, तो आपका फोन जीएस की बेहतर तैयारी करा सकता है। एंड्रॉयड सहित अन्य ओएस पर जीएस से जुड़े कई एप्लिकेशंस हैं, जिन्हें आप डाउनलोड कर डेली अपडेट हो सकते हैं। यहां न केवल आप प्रश्नों के उत्तर दे पाएंगे, बल्कि करंट अफेयर्स सहित अन्य विषयों की भी बेहतर तैयारी कर सकेंगे। अगर आप एप्स डाउनलोड नहीं करना चाहते हैं, तो आप सीधे इंटरनेट से जीएस की तैयारी से संबंधित सुझाव लेने के साथ ही ऑनलाइन जीएस टेस्ट देकर अपनी तैयारी का आंकलन भी कर सकते हैं। ऑनलाइन आप इंटरनेशनल न्यूजपेपर्स और जर्नल्स भी पढ़ सकते हैं।
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स्टडी मटेरियल
बाजार में कई तरह का स्टडी मटेरियल मिलता है लेकिन इसमें से ज्यादातर आपकी तैयारी को और उलझा सकता है। इसलिए उसी स्टडी मटेरियल पर भरोसा करें, जो विश्वसनीय और प्रतिष्ठित हो। जीएस के लिए सबसे महत्वपूर्ण है बेसिक स्टडी और बेसिक स्टडी के लिए नौवीं से बारहवीं तक की एनसीईआरटी पुस्तकों से बेहतर कुछ नहीं। विषयों पर अधिकार पाने के लिए एनसीईआरटी की पुस्तकें ही पढ़ें। इन पुस्तकों को पढ़ने से टॉपिक्स से संबंधित कॉन्सेप्ट क्लियर हो जाता है। इसका फायदा यह होता है कि जब आप उस विषय से संबंधित डेप्थ स्टडी कर रहे होते हैं, तो आपका कॉन्सेप्ट क्लियर होता है या आप उस विषय के इतिहास से परिचित होते हैं।
एक्सपर्ट राय लें
आप खुद बेहतर तैयारी कर सकते हैं, लेकिन कई बार आपको कंफ्यूजन हो सकता है। ऐसे में एक्सपर्ट राय लेना न भूलें। ये एक्सपर्ट आपके टीचर, सीनियर या कोई प्रोफेशनल भी हो सकते हैं।