डॉ राहुल अग्रवाल। मुंह में छाले होना एक सामान्य स्वास्थ्य समस्या है। अधिकतर मामलों में कुछ दिनों में ये अपने आप ही ठीक हो जाते हैं। लेकिन कई मरीज अक्सर होने वाले मुंह के छालों से परेशान रहते हैं। इनमें बहुत दर्द भी होता है और कई बार ये समस्या इतनी गंभीर हो जाती है कि बोलने और खाने में भी परेशानी होती है।

मुंह के छाले किसी को भी हो सकते हैं लेकिन 25-35 वर्ष के आयुवर्ग के लोगों को ये समस्या अधिक होती है। मुंह के छालों को मॉउथ सोर्स या मॉउथ अल्सर्स भी कहते हैं। ये छोटे-छोटे छाले होते हैं जो मुंह के मुलायम ऊतकों या मसूड़ों पर विकसित हो जाते हैं। कई बार जबान या तालू के नीचे भी विकसित हो जाते हैं। ये संक्रामक नहीं होते हैं लेकिन इनमें तेज दर्द हो सकता है। इसी की वजह से खाने और बोलने में परेशानी हो जाती है। ये अधिकतर गोल या अंडाकार होते हैं, इनका केंद्र सफेद या पीला होता है और इनकी बार्डर लाल होती है। छाले विकसित होने से एक या दो दिन पहले जलन या झुनझुनी महसूस हो सकती है।

क्या होते हैं लक्षण

अधिकतर मामलों में, मुंह के छालों से थोड़ा लालपन और दर्द की समस्या होती है। कुछ भी खाते अथवा पीते समय दर्द महसूस होता है। इसके कारण छालों के आसपास जलन या झुनझुनी की संवेदना महसूस होती है। मुंह में इनके आकार, गंभीरता और स्थिति के आधार पर खाना, पीना, निगलना, बोलना या सांस लेना कठिन होता जाता है।

मुंह के छाले होने के हैं कई कारण

मुंह के छाले कई कारणों से होते हैं। रोजमर्रा के जीवनकी मामूली गलतियों से लेकर गंभीर बीमारियों के कारण छाले हो सकते हैं। बोलने या खाना खाने में होंठ, जीभ या गाल कट जाएं तो तेज दर्द भी होता है और छाले भी हो जाते हैं। बैक्टीरिया, वायरस और फंगस का संक्रमण होने से छाले उभर आते हैं। मुंह में तंबाकू भरकर रखने अथवा किसी भी रूप में तंबाकू चबाने से छाले उभरते हैं जो बाद में कैंसर का रूप भी धारण कर सकते हैं।

दवाओं के साइड इफेक्ट्‌स भी है एक वजह

-दवाओं के साइड इफेक्ट्‌स

- जिंजिवाइटिस

- रेडिएशन एंड कीमोथैरेपी

-ऑटो इम्यून डिस्ऑर्डर

-कैंसर, एड्‌स या हाल में हुए अंग प्रत्यारोपण के कारण कमजोर रोग प्रतिरक्षा प्रणाली

-अत्यधिक तनाव

- हार्मोन के स्तर में परिवर्तन

-विटामिनों की कमी

-आंतों से संबंधित बीमारियां जैसे क्रोहन डिसीज या इरिटेबल बाउल सिंड्रोम (आईबीएस)

क्या हो सकता है उपचार

छालों की सूजन और दर्द को कम करने के लिए माउथ वॉश, पेस्ट, क्रीम या जेल दिए जाते हैं। अगर मुंह में होने वाले छालों का कारण मिनरल्स और विटामिन्स की कमी है तो फोलेट (फॉलिक एसिड), विटामिन बी 6, बी 12 या जिंक के सप्लीमेंट्‌स दिए जाते हैं।

छाले होने से पहले ही कैसे रोकें

कभी भी बहुत गर्म और मसालेदार भोजन न करें। स्वस्थ और पोषक भोजन ही खाएं। यह संतुलित आहार होना चाहिए जिसमें विटामिन बी, सी और जिंक से भरपूर मात्रा में हों। माउथ अल्सर में बैक्टीरिया का संक्रमण तेजी से होता है, इसलिए अपने मुंह को साफ रखें, एंटी बैक्टीरियल मॉउथ वॉश का इस्तेमाल करें।

क्या हो सकते हैं घरेलू उपाय

छालों पर बर्फ लगाएं, इससे आराम मिलेगा। मुलायम ब्रश से धीरे-धीरे ब्रश करें, ऐसे पेस्ट का इस्तेमाल करें जिसमें झाग अधिक नहीं बनते हैं। छालों पर बैकिंग सोडा और पानी का पतला पेस्ट लगाएं। नारियल के तेल में शहद मिलाकर लगाएं, दोनों में एंटी बैक्टीरियल विशेषताएं होती हैं। हल्दी में एक चम्मच ग्लिसरीन मिलाकर छालों पर लगाएं। थोड़ा सा नारियल चबा लें। छालों पर सिर्फ शहद भी लगा सकते हैं, ये नमी बनाए रखता है, जख्म नहीं होने देता और नये ऊतकों के विकास की प्रक्रिया को भी तेज कर देता है

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