Mental Health: नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। वर्तमान में मानसिक रोग एक बड़ी समस्या बनता जा रहा है और इसका कोई एक कारण नहीं है। वास्तव में हम स्वयं का आकलन करेंगे तो पाएंगे कि मानसिक रोग की वजह हमारी आदतें, जीवन शैली और गलत खानपान ही है। कुछ बातों-आदतों को सुधारकर हम मानसिक रूप से स्वस्थ रह सकते हैं।
मनोरोग विशेषज्ञ डा. पवन राठी के अनुसार, तनाव, अवसाद, नींद नहीं आना, भूलने की आदत, चिड़चिडाहट, बार बार मूड बदलना आदि मानसिक समस्या के लक्षण हैं। बात अगर इनके कारण की करें तो परिवार, अर्थव्यवस्था, स्वास्थ्य, शिक्षा, कार्य के बारे में चिंताएं, थकान होने पर भी हमारे दिमाग को सक्रिय रख सकती हैं और इस स्थिति में सोना बहुत मुश्किल हो जाता है। निद्रा बेहतर बनाए रखने के लिए हमें अपनी दिनचर्या बेहतर बनाना होगी।
आहार सुपाच्च और पोषणयुक्त करना होगा। इसके अलावा सोने के छह से आठ घंटे पहले ही चाय-काफी का सेवन करें। इससे नींद बेहतर आएगी। सोने से दो घंटे पहले ब्ल्यू सक्रीन से दूर हो जााएं। रात 8 बजे बाद ब्ल्यू स्क्रीन का उपयोग न करें और रात 10 बजे तक सोने का प्रयास करें। यदि नींद नहीं आए तो किताब पढ़ें। सुबह जल्दी जागकर योग, व्यायाम करें। आघात या जीवन की घटनाओं जैसे नौकरी छूटना, तलाक, बीमारी या किसी प्रियजन की मृत्यु के परिणामस्वरूप अनिद्रा हो सकती है।
सोने से पहले ज्यादा भोजन करना भी मुश्किल बढ़ा देता है। बहुत अधिक खाना खाने से लेटते समय आपको असहजता हो सकती है। बहुत से लोग जो सोने से पहले बहुत कुछ खाते हैं, उन्हें सीने में जलन की शिकायत होती है। यह तब होता है जब पेट से भोजन और एसिड एसोफैगस में बह जाता है। यह अनिद्रा का एक प्रमुख कारण है।
दवाओं का डाक्टर की सलाह बगैर उपयोग करना, गलत दवाओं का सेवन भी अनिद्रा का कारण बन सकता है। अल्जाइमर, पार्किंसंस रोग, अतिसक्रिय थायराइड, गैस्ट्रोओसोफेगल रिफ्लक्स रोग, अस्थमा, हृदय रोग, मधुमेह, कैंसर और पुराने दर्द आदि अनिद्रा का कारक हो सकती है।