Chhattisgarhi Cooking: हर होली घर में महकती है गुजिया की महक, छत्तीसगढ़ी व्यंजन बनता है घर-घर
होली में अब गुजिया का स्वाद लेना बन चुका है परंपरा ...और पढ़ें
By Manoj Kumar TiwariEdited By: Manoj Kumar Tiwari
Publish Date: Sat, 04 Mar 2023 03:27:33 PM (IST)Updated Date: Sat, 04 Mar 2023 03:27:33 PM (IST)

बिलासपुर। (नईदुनिया प्रतिनिधि) रंगों व उत्साह, उमंग का त्योहार होली आने में कुछ ही दिन शेष रह गया है, ऐसे में पर्व मनाने की तैयारी जोरों पर चल रही है। वहीं इस त्योहार में घर में बनाए जाने वाली पारंपरिक मिष्ठान का भी विशेष महत्व होता है। छत्तीसगढ़ी व्यंजन में खुरमी, ठेठरी तो सभी घर में बनता है।
वहीं इन पकवानों के बीच हर घर खोवा की खुजिया बनाने का भी चलन है। जिसका स्वाद इस पर्व में हर कोई चखना चाहता है, इसलिए होली त्योहार में हर घर में गुजिया बनना अनिवार्य हो चुका है, जो अब एक परंपरा का रूप ले चुका है।
होली रंगों और मौज, मस्ती का त्योहार है। ऐसे में मौज, मस्ती के साथ ही इस त्योहार में विभिन्न् प्रकार के पकवानों का विशेष महत्व रहता है। क्षेत्र के हिसाब से पकवान बदलते रहते है, लेकिन बिलासपुर व आसपास के जिले में होली पर्व एक मीठा पकवान ऐसा है कि उसका हर घर में बनना जरूरी से हो गया है और वह है गुजिया।
गुजिया
गुजिया कई प्रकार से बनते है, लेकिन हमारे यहां सूजी और खोवा के गुजिया को बेहद पसंद किया जाता है, जिसे देशी घी में तलकर का बनाया जाता है। इसी वजह से होली के दिन हर घर से गुजिया की भिनी-भिनी खुशबू आना आम बात रहता है। वही इस बार भी लजीज पकवान गुजिया से रंगों के त्योहार होली में चार-चांद लगेगा।
बाजार में भी गुजिया की रहती है पूछ-पुरख होली में गुजिया पकवान का चलन इतना अधिक हो गया है कि अब बाजार में भी होली पर्व के लिए विशेष प्रकार के गुजिया बनाए जाते है। हर मिठाई दुकान में इसकी अलग-अलग वैरायटी मिलने लगी है। ऐसे में अब बाजार में मिलने वाले गुजिया की बिक्री भी जोरों से होने लगी है।