मसालों में सबसे आगे है जीरा
जीरा एपिएसी कुल से संबंधित है। जिसका अंग्रेजी नाम 'क्यूमिन' और वानस्पतिक नाम 'क्यूमिनम सायमिनम' है।
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Publish Date: Sun, 12 Jul 2015 04:29:45 PM (IST)
Updated Date: Mon, 13 Jul 2015 04:00:41 AM (IST)
जीरा एपिएसी कुल से संबंधित है। जिसका अंग्रेजी नाम 'क्यूमिन' और वानस्पतिक नाम 'क्यूमिनम सायमिनम' है। अपनी तीखी गंध और अनोखे फ्लेवर की वजह से इसका उपयोग व्यंजनों में सबसे पहले किया जाता है। बघार में तो यह सबसे जरूरी होता है।
इसके अलावा भूने हुए जीरे के पावडर का उपयोग भी हमारे यहां कई व्यंजनों में किया जाता है। चावल, सूप, सब्जियां हों या फिर अन्य किसी भी मसालों के मिश्रण में जीरे का प्रयोग जरूर होता है।
- जीरे में किसी भी चीज को पचाने का प्रमुख गुण होता है। गर्भवती महिलाओं में चक्कर-घबराहट की शिकायत हो या फिर प्रसव बाद दूध्ा की मात्रा बढ़ाने के लिए भी जीरे के उपयोग की सलाह दी जाती है।
- जीरा भूख भी बढ़ाता है और बॉडी को डिटॉक्सिफिकेशन में भी मदद करता है।
- यह मेटाबॉलिज्म की क्रिया को बढ़ाता है और बॉइल्स के इलाज में भी उपयोगी है।
- जीरा आयरन का सबसे अच्छा स्रोत है। जिन लोगों में खून की कमी होती है उन्हें जीरे का सेवन करना चाहिए।
- जीरे में एंटिसेप्टिक तत्व की मौजूदगी इसके गुण को और बढ़ा देती है। गर्म तासीर होने की वजह से सर्दी-जुकाम व कफ को दूर करने में मददगार होता है।