
मथुरा। स्वतंत्रता दिवस के दिन उत्तर प्रदेश में 11 गांवों के 25 हजार किसानों ने सामूहिक आत्महत्या करने के लिए राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से अनुमति मांगी है। मथुरा के ग्रामीणों की शिकायत है कि 17 साल के लंबे संघर्ष के बावजूद सरकार ने इन्हें मुआवजा या मदद नहीं दी।
किसानों की 700 एकड़ जमीन पर गोकुल बैराज बनाने से पहले किसानों की अनुमति नहीं ली गई थी। इसके लिए किसान मुआवजे की मांग कर रहे हैं। 1998 में गोकुल बैराज के दरवाजे एक टेस्ट के लिए बंद कर दिए गए और जमीन डूब गई थी।
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तब से 11 गांवों के किसान अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। एक सरकारी अधिकारी के आंकलन के अनुसार, 25 हजार किसानों को करीब 800 करोड़ का मुआवजा दिया जाना है। मुद्दे को संसद में भी उठाया जा चुका है, लेकिन कोई हल नहीं निकला।
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आरएसएस से जुड़े भारतीय किसान संघ ने इन किसानों की समस्याएं उठाई थीं। मगर, नवंबर 2014 में उन्हें इसके लिए गोलियां खानी पड़ी थीं। पूरी तरह नाउम्मीद होकर गांव वालों ने भारतीय किसान संघ के बैनर तले शनिवार को राष्ट्रपति को एक पत्र भेजा। इसमें उन्होंने फांसी लगाकर आत्महत्या करने की अनुमति की मांग की।