
नई दिल्ली। भारतीय तटरक्षक बल ने देश पर 26/11 जैसा आतंकी हमला दोहराने की खतरनाक साजिश नाकाम कर दी है। पाकिस्तान के कराची बंदरगाह के करीब से एक मछुआरा नौका में सवार आतंकियों ने 31 दिसंबर की आधी रात तटरक्षक बल की कार्रवाई के बाद पोरबंदर के करीब खुद को उड़ा लिया।
उस वक्त वे भारतीय क्षेत्र से भागने की कोशिश कर रहे थे। इससे साफ है कि इसमें सवार लोगों के मंसूबे फिदायीन थे। नौका के अवशेषों की जांच चल रही है।
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक 31 दिसंबर को दिन में मिली खुफिया जानकारी के आधार पर भारतीय तटरक्षक बल ने कार्रवाई शुरू कर दी थी। करीब 12 घंटों के ऑपरेशन के बाद नौका को गुजरात के पोरबंदर तट से करीब 365 किमी दक्षिण-पश्चिम में रोकने की कोशिश की गई।
कराची के केटी बंदरगाह इलाके से चली इस नौका में सवार लोगों को रुकने और जांच में मदद के लिए कई बार चेतावनी दी गई, लेकिन चालक दल ने कोई सहयोग नहीं किया। 31 दिसंबर और एक जनवरी की आधी रात को नौका में जबर्दस्त विस्फोट हुआ और कुछ ही देर में वह डूब गई।
रक्षा मंत्रालय अधिकारियों के अनुसार रात का वक्त और तेज हवाओं के कारण नौका और उसके चालक दल को बचाया नहीं जा सका। कुछ ही घंटों के बीच यह नौका विस्फोट के स्थान पर ही डूब गई। तटरक्षक बल घटनास्थल से सबूतों को जमा करने की हर संभव कोशिश में जुटा है।
वायरलेस सेट से लैस थे आतंकी
इस बीच तटरक्षक बल के उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तानी नौका के पास ऊंची क्षमता वाले वायरलेस सेट होने का भी पता चला, जो आमतौर पर सैन्य बलों के पास ही होते हैं। खुफिया एजेंसियों ने उनके संवाद भी पकड़े हैं।
महत्वपूर्ण है कि 26 नवंबर 2008 को हुए मुंबई आतंकी हमले को अंजाम देने वाले आतंकी भी कराची से ही चले थे। अरब सागर में लश्कर आतंकियों ने मछुआरा नौका एमवी कुबेर को अगवा कर उसमें आगे का सफर तय किया था। मुंबई में छह बरस पहले आतंक का तांडव मचाने वाले आतंकी हथियारों के साथ-साथ सेटेलाइट फोन से लैस होकर आए थे।
निशाने पर गुजरात और पीएम?
पाकिस्तानी नौका का यह आत्मघात ऐसे वक्त हुआ है जब सीमापार से भारत में आतंकी हमले को लेकर लगातार खुफिया सूचनाएं मिल रही हैं। गुजरात तट के करीब इस वारदात के संकेत स्पष्ट हैं कि आतंकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गृहराज्य को निशाना बनाने की फिराक में हैं।
खासकर अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की 26 जनवरी को होने वाली भारत यात्रा से पहले आतंकी किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में हैं। महत्वपूर्ण है कि गुजरात में अगले सप्ताह प्रवासी भारतीय दिवस और वाइब्रेंट गुजरात जैसे हाइ प्रोफाइल कार्यक्रमों का आयोजन होना है, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी को भी शिरकत करना है।
शरीफ के वादे खोखले
ताजा घटना से जाहिर है कि पेशावर स्कूल हमले के बाद आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर नवाज शरीफ सरकार के वादे खोखले साबित हो रहे हैं। पाक प्रधानमंत्री और सेना प्रमुख जनरल राहिल शरीफ की ओर से गत माह बड़ी-बड़ी बातों के बावजूद लश्कर-ए-तैयबा प्रमुख और मुंबई आतंकी हमले के मास्टर माइंड हाफिज सईद भारत के खिलाफ हमले की धमकियां देता रहा।
अब इस घटना से स्पष्ट है कि लश्कर न केवल सक्रिय है बल्कि उसे पाकिस्तानी सेना से मिल रही सरपरस्ती भी जारी है।
नए साल में पुरानी साजिश दोहराने की नीयत
यह थी खुफिया सूचना : "कराची के केटी बंदर इलाके से चली एक मछुआरा नौका अरब सागर में कुछ अवैध कारोबार करने आ रही है।"