
मिर्जापुर। मोदी सरकार की ओर से किया गया काले धन पर प्रहार का असर पूरे देश में देखने को मिल रहा है। कोई अपनी काली कमाई को खुद ही आग लगा रहा है, तो कोई गंगा में उसे बहाए दे रहा है।
ताजा मामला उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर का है। यहां गंगा नदी में 500 और 1000 के हजारों नोट बहते मिले। न्यूज नेशन की खबर के अनुसार, इसे लूटने के लिए मछुआरे नाव लेकर नदी में उतर गए। स्थानीय लोगों ने बताया कि नारघाट पर लोगों ने बड़ी तादात में 500 और 1000 के नोटों को पानी में बहते देखा।
वहीं, उत्तर प्रदेश के रामगढ़ के पशु चिकित्सालय के सामने कचरे के ढेर में जलते नोटों से भरा बैग मिल चुका है। घटना शनिवार दोपहर करीब डेढ़ बजे की है। कचरे के ढेर से प्लास्टिक आदि बीन रहे दो बच्चों को पांच सौ हजार के नोट कचरे के साथ जलते मिले थे।
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प्रदेश के बरेली में बोरी भरकर 500 और 1000 रुपए के नोट जलाने का मामला सामने आया। पुलिस ने बताया कि यूपी के बरेली में बुधवार को 500 और 1000 रुपए के जले हुए नोट पाए गए हैं। बताया जा रहा है कि एक कंपनी के कर्मचारी बोरियों में भरकर नोटों को लाए और उसके बाद उन्हें परसा खेड़ा रोड सीबी गंज में जलाया दिया।
वहीं, महाराष्ट्र के पुणे में एक सफाई कर्मचारी को गुरुवार सुबह सफाई करने के दौरान कूड़े में 52 हजार रुपए मिले। इसमें हजार-हजार के नोट थे। कर्मचारी ने तुरंत ही सुपरवाइजर को खबर दी और पुलिस के पास पैसे जमा कराए।
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जाहिर है ये 1000-500 रुपए के नोट जो कूड़े में फेंके जा रहे हैं, जलाए जा रहे हैं या गंगा में बहाए जा रहे हैं, वह काला धन ही होगा क्योंकि कोई अपनी गाढ़ी कमाई को यूं ही नहीं फेंक देगा।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर को 500 और एक हजार रुपए के नोट को बंद करने की घोषणा की थी। इसके बाद से ही देशभर में कालाधन रखने वाले इस मुश्किल में हैं कि वे इन नोटों का क्या करें।