
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के बारामूला में उरी सेक्टर में सेना मुख्यालय पर हुए आतंकी हमले में 17 जवान शहीद हो गए। वहीं 4 आतंकियों को भी मार गिराया गया है। मारे गए चारों आतंकी पाकिस्तान के बताए जा रहे हैं। सेना ने एक आधिकारिक बयान में इसकी पुष्टि कर दी है। फिलहाल एक आतंकी के छिपे होने की आशंका है और तलाशी अभियान जारी है। आतंकियों के खिलाफ चल रहा सेना का ऑपरेशन खत्म हो चुका है।
इस बीच नईदुनिया के सहयोगी अखबार दैनिक जागरण ने खबर छापी थी कि कश्मीर घाटी में बीते 70 दिनों में करीब 30 आतंकी नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर घुसपैठ करने के बाद भीतरी इलाकों में दाखिल होने में कामयाब रहे हैं। इसके बाद भी ऐसी घटना सुरक्षा इंतजामों पर सवालिया निशान लगाता है।
यह पर्दाफाश शनिवार को आईजी बीएसएफ कश्मीर विकास चंद्रा ने किया। यह पहला अवसर है जब किसी वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी ने वादी में आतंकियों की सुरक्षित घुसपैठ की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि 150-200 आतंकी उत्तरी कश्मीर में एलओसी के पार घुसपैठ के लिए पूरी तरह तैयार बैठे हैं। इसके साथ आईजी ने कहा कि कश्मीर में मौजूदा हिंसा और सिलसिलेवार बंद के पीछे पाकिस्तान ही है। पाकिस्तानी सेना आतंकियों को घुसपैठ करवाने में पूरी मदद कर रही है।
आतंकी भी खुलकर विभिन्न जगहों पर हो रहे प्रदर्शनों में आम लोगों के साथ नजर आ रहे हैं। आतंकी और उनके समर्थक इन प्रदर्शनों को हवा देते हुए लोगों को सुरक्षाबलों पर हमलों के लिए भी उकसा रहे हैं। आईजी हुमहामा स्थित एसटीसी बीएसएफ में 251 नवारक्षकों के दीक्षा समारोह के बाद पत्रकारों के साथ बातचीत कर रहे थे।
आईजी ने कहा कि कश्मीर में गत आठ जुलाई को आतंकी बुरहान की मौत के बाद पैदा हालात के दौरान एलओसी के पार से 25-30 आतंकी सुरक्षित घुसपैठ करने में सफल रहे हैं। कश्मीर में जब इस तरह के हालात होते हैं, पाकिस्तान के इशारे पर आतंकियों की घुसपैठ करवाई जाती है।
उनके मुताबिक इस साल बीते साल की तुलना में नियंत्रण रेखा पर घुसपैठ की कोशिशें व मुठभेड़ें ज्यादा हुई हैं। कई घुसपैठिये नियंत्रण रेखा पर ही मारे गए। अगले एक दो माह के दौरान घुसपैठ की घटनाओं में बढ़ोतरी की आशंका जताते हुए उन्होंने कहा कि आतंकी सरगनाओं व उनके संरक्षकों की कोशिश है कि सर्दियां शुरू होने व बर्फ गिरने से पहले ज्यादा से ज्यादा आतंकियों को कश्मीर में धकेला जाए।
लेकिन हमारा घुसपैठ रोधी तंत्र पूरी तरह मजबूत है। सेना और बीएसएफ दुश्मन के मंसूबों को भांपते हुए हर चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। आईजी बीएसएफ के आतंकियों के कश्मीर में घुसपैठ कर भीतरी क्षेत्र में दाखिल होने के दावे के संदर्भ में जब राज्य पुलिस और सेना के वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क किया गया तो उन्होंने कुछ भी कहने से इन्कार कर दिया।