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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 20, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

वैदिक युग की वापसी को खुलेंगे आचार्यकुलम

पहले चरण में खुलने जा रहे आचार्यकुलम में बरेली भी शामिल है।

By Edited By:
Publish Date: Sat, 20 Jun 2015 07:11:03 PM (IST)Updated Date: Sat, 20 Jun 2015 07:13:42 PM (IST)
वैदिक युग की वापसी को खुलेंगे आचार्यकुलम

बरेली। ऋषि-मुनियों जैसा तेज और संस्कार। इन संस्कारों के साथ आधुनिक ज्ञान-विज्ञान में महारत। इस अवधारणा से लैस करके देश की आने वाली पीढ़ी तैयार करने को आचार्यकुलम खुलेंगे। पहले चरण में खुलने जा रहे आचार्यकुलम में बरेली भी शामिल है। आचार्यकुलम खोलने की पतंजलि योग पीठ की इस योजना का परवान चढ़ाने के लिए अप्रवासी भारतीय (एनआरआई) अनिल अग्रवाल ने 1500 करोड़ रुपये दान में दिए हैं।

बरेली में पतंजलि योग पीठ की संरक्षक समिति सदस्य निशांत अग्रवाल बताते हैं कि योग का दुनिया में डंका बज चुका है और अब वैदिक संस्कृति के खोए वैभव को हासिल किया जाना जरूरी है। उन्होंने बताया कि आचार्यकुलम का प्रयोग हरिद्वार स्थित पतंजलि योगपीठ परिसर में विद्यार्थियों को शिक्षा देकर किया जा रहा है। सभी सुविधाओं, खेलकूद, शुद्ध खानपान के साथ इन विद्यार्थियों को तराशा जा रहा है।


प्रवेश का तरीका

आचार्यकुलम में प्रवेश के लिए जनवरी महीने में टेस्ट होता है। प्रवेश कक्षा पांच के लिए होता है। चयनित विद्यार्थियों को एक सप्ताह आचार्यकुलम में रखकर दोबारा टेस्ट होता है। इस टेस्ट में सफल होने वाले 80 छात्र और 40 छात्राओं को प्रवेश मिलता है, इसके बाद उनकी शिक्षा कक्षा दस तक चलती है। छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग हॉस्टल और व्यवस्थाएं हैं।

सीबीएसई के साथ वैदिक शिक्षा

आचार्यकुलम फिलहाल सीबीएसई बोर्ड से जुड़ा है। यहां एनसीईआरटी के पाठ्यक्रम के अलावा तीन पीरियड वैदिक शिक्षा के होते हैं। इनमें वेद, उपनिषद, संस्कृत, योग, हवन-पूजन आदि का ज्ञान दिया जाता है। संस्कृत, हिदी, अंग्रेजी और क्षेत्रीय भाषा में पारंगत किया जाता है।

वैदिक बोर्ड की स्थापना का लक्ष्य

पहले चरण में देशभर के सभी जिलों और दूसरे चरण में तहसीलों में आचार्यकुलम बनाए जाएंगे। एनआरआइ अनिल अग्रवाल ने प्रति आचार्यकुलम तीन करोड़ का दान दे दिया है। कुल पांच सौ आचार्यकुलम खोलने की धनराशि मिल गई है। जिले में दो एकड़ और तहसील में एक एकड़ भूमि दान करने की अपील गई तो तमाम दानी आ भी गए।