
मल्टीमीडिया डेस्क। अमेजन, फ्लिपकार्ट और ओला जैसी बड़ी डिजिटल कंपनियां अपने मोबाइल एप्लिकेशन (ऐप) का लाइट वर्जन लॉन्च करने जा रही है। दरअसल, भारत के उपनगरीय और छोटे शहरों में ग्राहकों की मोबाइल इंटरनेट कनेक्टिविटी और धीमी डेटा स्पीड की वजह से ऐप ठीक से काम नहीं कर पाता है।
टैक्सी सेवा देने वाली कंपनी ओला ने कहा कि ओला लाइट की लॉन्चिंग के बाद टियर 2 और टियर 3 शहरों में उसका बिजनेस बढ़ा है। यह केवल 1 एमबी का है और 2जी की स्पीड पर आसानी से लोड हो जाता है। इससे कस्टमर को बुकिंग एक्सपीरियंस में कोई समझौता नहीं करना होता है।
किसी भी ऐप का लाइट वर्जन बनाना ज्यादा मुश्किल काम नहीं होता है। दरअसल, ऐप को पूरा तरह से डिजाइन की जरूरत नहीं होती है। महज ग्राफिक्स या वीडियो कॉन्टेंट को कम करने, या नेविगेशन को सरल करने से ही काम हो जाता है।
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ऑनलाइन मार्केट प्लेस अमेजन इंडिया ने कहा कि उसके ज्यादातर ऑर्डर यानी 65 फीसद से अधिक टियर 2, टियर 3 शहरों से आते हैं। दो एमबी के मोबाइल ऐप माइक्रोन को लॉन्च करने से कंपनी को ज्यादा ऑर्डर मिलने लगे।
वहीं, अमेजन की प्रतिद्वंद्वी कंपनी फ्लिपकार्ट ने कहा इसकी लाइटवेट ऐप फ्लिपकार्ट लाइट खराब मोबाइल नेटवर्क कवरेज वाले क्षेत्रों में आसानी से खुल जाता है और यूजर्स को ऑर्डर प्लेस करने में कोई मुश्किल नहीं होती है।