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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 30, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Ankita Bhandari हत्याकांड में तीनों दोषियों को उम्रकैद… जानिए क्या किया था पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता ने

Ankita Bhandari Murder Case: इस हत्याकांड को 18 सितंबर 2022 को अंजाम दिया गया था। अंकिता पौड़ी जिले के यमकेश्वर स्थित वनतंत्रा रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्...और पढ़ें

By Arvind DubeyEdited By: Arvind Dubey
Publish Date: Fri, 30 May 2025 11:45:25 AM (IST)Updated Date: Fri, 30 May 2025 01:11:54 PM (IST)
Ankita Bhandari हत्याकांड में तीनों दोषियों को उम्रकैद… जानिए क्या किया था पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता ने
अंकिता भंडारी फाइल फोटो

HighLights

  1. रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करती थी अंकिता
  2. हत्या के दोषियों में रिसॉर्ट संचालक पुलकित आर्य भी शामिल
  3. सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता के साथ मिलकर की थी हत्या

एजेंसी, देहरादून (Ankita Bhandari Murder Case)। देवभूमि उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी मर्डर केस में कोर्ट का फैसला आ गया है। कोर्ट ने तीनों आरोपियों को दोषी करार दिया है और सभी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही चार लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है।

इससे पहले अंकिता के परिवार के वकील अजय पंत ने ANI को बताया कि उत्तराखंड के कोटद्वार स्थित अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश न्यायालय में अंकिता की हत्या के मामले में तीन आरोपियों- पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को दोषी पाया गया है।


स्थानीय लोगों ने किया था विरोध प्रदर्शन, आरोपियों में भाजपा नेता का बेटा भी

इस मामले ने सनसनीखेज मोड़ ले लिया था, क्योंकि पुलकित आर्या भाजपा नेता विनोद आर्या का बेटा है और स्थानीय लोगों ने इस मामले में विरोध प्रदर्शन करने के लिए सड़कों पर उतर आए थे।

विवाद बढ़ने के बाद भाजपा ने विनोद आर्या को बाहर का रास्ता दिखा दिया था और उत्तराखंड सरकार ने मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया था।

उत्तराखंड में राजनीतिक तूल पकड़ने वाले इस मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश रीना नेगी ने इस साल 19 मई को बचाव पक्ष और अभियोजन पक्ष के बीच अंतिम बहस सुनी थी।

दोनों पक्षों की अंतिम दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश ने फैसला सुनाने के लिए 30 मई की तारीख तय की थी। मामले की सुनवाई दो साल आठ महीने तक चली। इस दौरान अभियोजन पक्ष ने जांच अधिकारी समेत 47 गवाह पेश किए।

क्यों हुई थी अंकिता भंडारी की हत्या

सुनवाई के दौरान कोर्ट में बताया गया कि अंकिता भंडारी और पुलकित आर्य के बीच किसी बात पर विवाद हुआ था, जिसके बाद उसने ने भास्कर और गुप्ता के साथ मिलकर युवती को ऋषिकेश की चीला नहर में धकेल दिया। अंकिता भंडारी का शव चीला नहर से निकाले जाने के बाद पुलिस ने तीनों लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

आरोपी और उसके साथियों के राजनीतिक संबंधों के कारण नरमी बरते जाने के डर से पौड़ी जिले के लोग बड़ी संख्या में विरोध प्रदर्शन करने के लिए बाहर निकल आए थे।