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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 01, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

चीनी कंपनियों को एक और बड़ा झटका, हाईवे प्रोजेक्ट्स में भी एंट्री बंद, गडकरी का एलान

India China Face Off: कई चीनी कंपनियां देश के हाईवे प्रोजेक्ट में सीधे या पार्टनरशिप में काम कर रही हैं।

By Rahul VavikarEdited By: Rahul Vavikar
Publish Date: Wed, 01 Jul 2020 05:51:30 PM (IST)Updated Date: Wed, 01 Jul 2020 05:51:30 PM (IST)
चीनी कंपनियों को एक और बड़ा झटका, हाईवे प्रोजेक्ट्स में भी एंट्री बंद, गडकरी का एलान

India China Face Off: भारत और चीन के बीच लद्दाख सीमा पर टकराव के बाद अब भारत लगातार चीन के खिलाफ कदम उठा रहा है। भारत ने हाल ही में 59 चीनी एप्स बंद किए और अब सरकार ने चीनी कंपनियों को एक और बड़ा झटका दिया है। केंद्रीय मंत्री सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि भारत की राजमार्ग परियोजनाओं (Highway Projects) में चीन की कंपनियों को हिस्सा लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी। उन्होंने ये भी कहा कि चीनी कंपनियों को संयुक्त उद्यम के जरिए भी ऐसा करने की इजाजत नहीं दी जाएगी।

बता दें कि कई चीनी कंपनियां देश के हाईवे प्रोजेक्ट में सीधे या पार्टनरशिप में काम कर रही हैं। लेकिन अब चीनी कंपनियों की एंट्री बंद कर दी गई है। केंद्रीय मंत्री गडकरी ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग (MSMEs) सेक्टर में भी चीन के निवेशकों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। गौरतलब है कि केंद्र सरकार इससे पहले सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए टिक टॉक, यूसी ब्राउजर्स, शेयर इट सहित 59 एप्स को प्रतिबंधित कर चुकी है।


ज्वाइंट वेंचर्स के तहत भी एंट्री बंद

गडकरी ने ये भी कहा चीन के साथ पार्टनरशिप करने वाले संयुक्त उद्यमों को भी सड़क निर्माण सहित हाईवे से जुड़े अन्य प्रोजेक्ट्स के लिए अनुमति नहीं दी जाएगी। मंत्रालय ने ठोस कदम उठाया है कि यदि चीनी कंपनियां संयुक्त उद्यम के जरिए भी प्रोजेक्ट में एंंट्री करने आती हैं तो भी उन्हें अनुमति नहीं दी जाएगी।

जल्द आएगी नीति

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हाईवे प्रोजेक्ट्स में चीनी कंपनियों के शामिल होने पर ने से प्रतिबंधित करने वाली नीति जल्द आएगी। इसके अलावा भारतीय कंपनियों के लिए नियम शिथिल किए जाएंगे ताकि वे हाईवे प्रोजेक्ट्स में हिस्सा ले सके और उनकी पात्रता बढ़ सके। गडकरी ने मौजूदा और भविष्य के कॉन्ट्रेक्ट के बारे में कहा कि यदि किसी प्रोजेक्ट में कोई चीनी कंपनी सीधे या संयुक्त उद्यम में है तो फिर नीलामी की प्रक्रिया दोबारा की जाएगी।

घरेलू कंपनियों को बढ़ावा

गडकरी ने आगे कहा - हमने भारतीय कंपनियों के लिए नियमों में ढील देने का निर्णय किया है। इससे वे बड़ी परियोजनाओं की बोली में हिस्सा लेने की पात्रता हासिल कर पाएंगे। इसे लेकर हमने राजमार्ग सचिव गिरिधर अरमाने और एनएचएआई के चेयरमैन एस एस संधू को तकनीकी एवं वित्तीय नियमों में छूट देने के लिए बैठक करने को कहा है। इससे हमारी कंपनियां काम करने के लिए क्वालिफाई कर पाएंगी। गडकरी ने कहा कि यदि कोई ठेकेदार छोटी परियोजना के लिए क्वालिफाई करता है तो वह बड़ी परियोजना के लिए भी क्वालिफाई करेगा।उन्होंने बताया कि मंत्रालय निर्माण से जुड़े नियमों को भी बदलेगा ताकि भारतीय कंपनियों को प्रोत्साहन मिल सके।

MSME सेक्टर को लेकर गडकरी ने कहा कि स्थानीय उत्पादन की क्षमता को बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं और इसमें सरकार पूरी मदद करेगी। उन्होंने देसी के साथ ही विदेशी निवेश को भी बढ़ावा देने की बात कही।