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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 14, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Antilia Case: शिवसेना में रह चुके हैं सचिन वजे, गिरफ्तारी पर भड़के संजय राउत, NIA जांच पर उठाए सवाल

Antilia Case: 2004 में वर्दी उतरने के बाद सचिन वजे ने राजनीति का पारी खेली। वे 2008 में शिवसेना में शामिल हुए।

By Arvind DubeyEdited By: Arvind Dubey
Publish Date: Sun, 14 Mar 2021 08:27:04 AM (IST)Updated Date: Mon, 15 Mar 2021 07:58:21 AM (IST)
Antilia Case: शिवसेना में रह चुके हैं सचिन वजे, गिरफ्तारी पर भड़के संजय राउत, NIA जांच पर उठाए सवाल

Antilia Case: देश के सबसे बड़े उद्योगपति मुकेश अंबानी के मुंबई स्थित निवास एंटीलिया के बाहर विस्फोटक मिलने के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने मुंबई पुलिस के अधिकारी सचिन वजे (Sachin Vaze) को गिरफ्तार कर लिया है। पूरे मामले में Sachin Vaze शुरू से शक के घेरे में थे और शनिवार को एनआईए ने उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया था। करीब 13 घंटे की पूछताछ के बाद शनिवार रात उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। अब पूरे मामले में शिवसेना ने राजनीति शुरू कर दी है। पार्टी प्रवक्ता और राज्यसभा सदस्य संजय राउत ने कहा कि यह केस मुंबई पुलिस के पास था और जिस तरह से केंद्रीय जांच एजेंसी एनआईए कर रही है, उस पर सवाल उठ रहे हैं। राउत ने कहा कि मुंबई पुलिस ने कई बड़े केस हल किए हैं। इस केस की भी जांच हो रही थी, लेकिन अचानक एनआईए घुस आती है और ताबड़तोड़ कार्रवाई करती है। इससे मुंबई पुलिस का मनोबल गिरा है।

वहीं रविवार सुबह एक इवोना गाड़ी एनआईए के दफ्तर लाई गई है। बताया जा रहा है कि यह इनोवा गाड़ी सचिन वजे की है, जो उस दिन मुकेश अंबानी के घर से कुछ दूर खड़ी थी, जिस दिन वहां विस्फोटक वाली एक अन्य गाड़ी मिली थी। खास बात यह भी है कि अब तक महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे भी Sachin Vaze के साथ खडे़ नजर आ रहे थे और उनका पक्ष ले रहे थे। Sachin Vaze पर शिकंजा कसने के बाद उद्धव ठाकरे ने कहा था कि पुलिस अधिकारी के साथ ऐसा बर्ताव किया जा रहा है मानो वह ओसामा बिन लादेन हो। इस पर महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने चुटकी ली थी और कहा था कि Sachin Vaze को वकील की जरूरत नहीं है, क्योंकि उद्धव ठाकरे उनकी वकालत कर रहे हैं। बहरहाल, एनआईए के अधिकारियों के भरोसा है कि Sachin Vaze से पूछताछ में अहम खुलासे हो सकते हैं।


पूरे मामले में ऐसे सामने आया था Sachin Vaze का नाम

मुकेश अंबानी के दक्षिण मुंबई स्थित आवास के पास 25 फरवरी को विस्फोटक और धमकी भरे पत्र के साथ स्कॉर्पियो एसयूवी कार मिली थी। यह स्कॉर्पियो एसयूवी मनसुख हरेन की थी, जिसे कुछ दिन पहले चोरी किया गया था। मामला Sachin Vaze की अगुवाई वाली टीम को सौंपा गया। एक दिन खबर आई कि मनसुख की मौत हो चुकी है। उनका शव एक तालाब में मिला। यहां मौके पर सबसे पहले Sachin Vaze पहुंचे थे। इससे शक उठा। धीरे-धीरे परतें खुलीं तो Sachin Vaze पर शिकंजा कसता गया। मनसुख की पत्नी ने Sachin Vaze पर आरोप लगाया था।

कौन हैं Sachin Vaze

Sachin Vaze मुंबई पुलिस के एनकाउंटर स्पेशलिस्ट रहे हैं। Sachin Vaze मूल रूप से कोल्हापुर के हैं और 1990 बैच के पुलिस अधिकारी हैं। सेवा करे दौरान ठाणे में तबादला हुआ और वे एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा की टीम में शामिल हुए। 1992 से 2004 तक उन्होंने 63 अपराधियों के एनकाउंटर किए। इसके बाद बई के घाटकोपर ब्लास्ट से जुड़े मामले ने सचिन वजे की जिंदगी को बदल दी। इस हमले के आरोपी ख्वाजा यूनुस को दिसंबर में गिरफ्तार कर लिया गया था, लेकिन औरंगाबाद ले जाते समय वह पुलिस हिरास से फरार हो गया। इस घटना की सीआईडी जांच की गई, जिसमें खुलासा हुआ कि ख्वाजा की मौत तो पुलिस हिरासत में ही हो गई थी। इसके बाद वजे को निलंबित किया गया फिर 2004 में सबूत मिटाने के आरोप में उनकी गिरफ्तारी भी हुई थी। वर्दी उतरने के बाद सचिन ने राजनीति का पारी खेली। वे 2008 में शिवसेना में शामिल हुए। महाराष्ट्र में शिवसेना की सरकार बनने के बाद 2020 में एक बार फिर सचिन वजे को वर्दी मिल गई। वर्दी पहनते ही वे एक बार फिर एक्शन में दिखे। अर्णब गोस्वामी से जुड़े बहु‍चर्चित मामले में भी वे काफी चर्चा में रहे थे, लेकिन मनसुख की मौत के मामले में नाम आने के बाद एक बार फिर बदनाम हो गए हैं।