
मुंबई। आईआईटी मुंबई के छात्र इन दिनों बेहद डरे हुए हैं। दरअसल इन छात्रों में ये भय अपनी पढ़ाई को लेकर नहीं है, बल्कि बंदरों को लेकर है। इन दिनों आईआईटी कैंपस में एक दर्जन से ज्यादा बंदरों ने आतंक मचा रखा है। यहां कैंपस में छात्रों के लिए अलग-अलग होस्टल है, जहां आए दिन कुछ अनहोनी हो जाती है। अभी तक बंदरों ने कई स्टूडेंस को नोंचकर घायल भी कर दिया है।
कई बार तो उपद्रवी बंदर छात्रों के रूम में आ जाते हैं और इलेक्ट्रॉनिक सामान को भी नुकसान पहुंचा देते हैं। कमरे में रखी डस्टबीन को भी उलटकर पूरे कमरे को गंदा कर देते हैं। हद तो तब हो जाती है जब वे स्टुडेंस के बिस्तर पर आकर सो जाते हैं और उन्हें बेहद गंदा कर देते हैं।
फाइनल ईयर की एक छात्र ने कहा कि आए दिन यहां बंदरों का आतंक बढ़ रहा है। बीते कुछ दिनों में यहां बंदरों की संख्या भी बढ़ गई है। यहां छात्र कैदियों की तरह रहने को मजबूर हो गए हैं। छात्रों ने कैंपस की ऑनलाइन मैग्जीन में भी इस मुद्दे को प्रकाशित कर चुके हैं। यहां होस्टल नंबर 3, 5, 7 और 9 में रहने वाले छात्र सबसे ज्यादा डरे हुए हैं।
यहां यदि छात्र गलती से दरवाजा खुला छोड़ दें या खिड़की खुली छोड़ दें तो बड़ा नुकसानदेह साबित हो जाता है। बंदर उनके रूम की साजसज्जा तो बिगाड़ते ही है, साथ ही कई मूल्यवान चीजों को तोड़फोड़ देते हैं। यहां तक कि छात्रों ने बालकनी में अपने कपड़े सुखाना भी बंद कर दिया है।
छात्रों को यहां होस्टल से बाहर निकलते समय अपने साथ में सुरक्षा के लिए एक छड़ी लेकर चलने की सलाह दी गई है। इसके अलावा बंदरों को भगाने के लिए पटाखे फोड़ने को भी कहा गया है।
गौरतलब है कि पवई स्थित आईआईटी परिसर के आसपास जंगल बहुत ज्यादा है। प्रोफेसर्स के मुताबिक यहां बढ़ते शहरीकरण के चलते बंदरों ने आतंक मचाना शुरु कर दिया है। वहीं कॉलेज के डीन सौम्यो मुखर्जी ने कहा कि छात्र पांच मिनट के लिए भी यदि अपने कमरे से बाहर आएं, तो उन्हें सुरक्षा के उपाय करके आना चाहिए।