
नई दिल्ली। भारतीय सेना ने अफ्रीकी देशों में तैनात अपने दो सैनिकों को यौन उत्पीड़न का दोषी मानते हुए सजा दी है। एक अन्य मामले में जांच जारी है। संयुक्त राष्ट्र के शांति अभियानों के तहत अफ्रीकी देशों में इन जवानों की तैनाती की गई थी।
बीते दिनों संयुक्त राष्ट्र ने इस संबंध में रिपोर्ट जारी की थी। ये दोनों मामले सूडान और कांगो के हैं, जो क्रमशः 2010 और 2013 में सामने आए थे।
संयुक्त राष्ट्र के शांति मिशन के तहत भारत ने बड़ी संख्या में विदेशी धरती पर अपने जवानों की तैनाती कर रखी है। इससे पहले 2008 में भी कैश-फॉर-सेक्स स्कैंडल सामने आया था।
हालांकि संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में कहा गया था कि यूएन मिशन्स में भारतीय सैनिकों की संख्या तीसरी सबसे ज्यादा है, लेकिन इस तुलना में उसके सैनिकों पर यौनशोषण के आरोप कम हैं।
संयुक्त राष्ट्र के नियमों के तहत कोई भी सैनिक वेश्याओं के साथ शारीरिक संबंध नहीं रख सकता है। 2010 में कांगो में भारतीय सैनिक का ऐसा ही मामला सामने आया था।
एक अंग्रेजी वेबसाइट के मुताबिक, वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने बताया है कि आरोपी जवान के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई थी। हालांकि उन्होंने कार्रवाई के बारे में नहीं बताया, लेकिन जानकारों के मुताबिक, ऐसे में मामलों में वेतन काटने और प्रमोशन रोकने जैसी कार्रवाई की जाती है।