• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • AI बूटकैंप
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • Mutual Funds मास्टरी
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • देश

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 06, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Ayodhya Verdict: रिटायरमेंट में चंद दिन बाकी, CJI रंजन गोगोई को सुनाने हैं ये चार बड़े फैसले

CJI Ranjan Gogoi को अयोध्या, सबरीमाला, राफेल जेट के साथ ही सुप्रीम कोर्ट व सीजेआई ऑफिस को आरटीआई दायरे में लाने पर फैसले सुनाना हैं।

By Arvind DubeyEdited By: Arvind Dubey
Publish Date: Wed, 06 Nov 2019 11:49:23 PM (IST)Updated Date: Thu, 07 Nov 2019 05:38:36 PM (IST)
Ayodhya Verdict: रिटायरमेंट में चंद दिन बाकी, CJI रंजन गोगोई को सुनाने हैं ये चार बड़े फैसले

CJI Ranjan Gogoi retirement: देश के चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) रंजन गोगोई आगामी 17 नवंबर को रिटायर हो रहे हैं। रिटायरमेंट से पहले उन्हें चार बड़े मुकदमों पर फैसला सुनाना है। ये केस हैं - अयोध्या विवाद, शबरीमाला केस, राफेल डील केस और कोर्ट तथा सीजेआई ऑफिस के सूचना के अधिकार के दायरे में लाने का मामला। गुरुवार और शुक्रवार की वर्किंग के बाद कोर्ट शनिवार और रविवार को बंद रहेगी। बीच में 11 नवंबर, सोमवार का दिन है, जिसके बाद 12 नवंबर को गुरु नानक जंयती का अवकाश है। इस तरह 13 नवंबर, बुधवार और उसके बाद के कार्यदिवसों पर पूरे देश की नजर है।

सीजेआई रंजन गोगोई के चार केस

अयोध्या केस: CJI गोगोई के पास देश का सबसे बड़ा मामला राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद अयोध्या विवाद है, जिसमें 18 अक्टूबर को बहस समाप्त हो गई थी। CJI गोगोई ने स्वयं एक सुनवाई के दौरान टिप्पणी की थी कि यदि फैसला चार सप्ताह में सुनाया जाता है, तो यह एक चमत्कार होगा।


सबरीमाला मंदिर केस: 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने केरल के सबरीमाला मंदिर में सभी उम्र की महिलाओं के प्रवेश की अनुमति थी। इसके खिलाफ कई याचिकाएं दायर हुई। बीती 6 फरवरी को CJI गोगोई, जस्टिस आर.एफ. नरीमन, जस्टिस ए.एम. खानविल्कर, जस्टिस डी.वाई. चंद्रचूड़ और जस्टिस इंदु मल्होत्रा ​​ने 45 से अधिक समीक्षा याचिकाओं पर फैसला सुरक्षित रख लिया था। अब सीजेआई को इन पर फैसला करना है।

राफेल फाइटर जेट सौदा: दिसंबर 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने राफेल फाइटर जेट सौदे में आपराधिक जांच से इनकार कर दिया था। इसके खिलाफ याचिकाएं दायर हुई थीं। CJI गोगोई की अगुवाई वाली पीठ ने इस साल मई में इन पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। अब सीजेआई को रिटायरमेंट से पहले सुनवाई करना है।

आरटीआई के दायरे में सुप्रीम कोर्ट और सीजेआई का ऑफिस: सुप्रीम कोर्ट के समक्ष यह फैसला भी लंबित है कि आरटीआई अधिनियम के तहत सर्वोच्च न्यायालय और CJI के ऑफिस को 'लोक प्राधिकार' माना जा सकता है या नहीं। यह मामला एक दशक से लंबित है। दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति रवींद्र भट ने फैसला सुनाया कि CJI का कार्यालय RTI जांच के लिए खुला है। जस्टिस भट अब सुप्रीम कोर्ट के जज हैं, जिन्होंने पिछले हफ्ते ही कार्यभार संभाला था। सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री ने 2010 में इस फैसले के खिलाफ अपील की थी और CJI गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने अप्रैल 2019 के मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।