
नई दिल्ली। 500 और 1000 रुपए के नोट बंद होने के बाद पिछले दो दिनों में मचे हाहाकार के बाद गुरुवार से आम जनता के लिए राहत शुरू हो गई है। लोग अपने पुराने नोटों को गुरुवार को बैंकों और डाकघरों में बदलवा सकेंगे।
वित्त सचिव अशोक लवासा ने बुधवार को साफ किया है कि शुक्रवार से सभी बैंकों के एटीएम में 500 और 2000 रुपए के नए नोट उपलब्ध रहेंगे। इनसे एक व्यक्ति एक कार्ड के जरिए 18 नवंबर तक 2000 रुपए प्रतिदिन निकाल सकता है। बाद में इसकी सीमा बढ़ाकर 4000 रुपए कर दी गई है।
बैंक और डाकघर गुरुवार सुबह 8 बजे से खुल गए हैं और पुराने नोट बदलवाने के लिए बैंकों में बड़ी संख्या में लोग सुबह ही बड़ी संख्या में लाइन लगाकर खड़ हो गए थे। इसके अलावा आरबीआई के आदेश अनुसार शनिवार और रविवार को छुट्टी होने के बावजूद बैंक खुलेंगे और इन दो दिनों में भी नोट बदलने का काम किया जाएगा।
बैंकों में भारी भीड़ के चलते कहीं-कहीं पर लोगों को परेशानी का भी सामना करना पड़ रहा है और लंबे इंतजार के बाद ही नए नोट मिल पा रहे हैं। बैंकों से ज्यादातर लोगों को 2000 रुपए के नोट मिल रहे हैं। ऐसे में लोगों का सवाल है कि इस नोट के खुल्ले पैसे मिल पाएंगे या नहीं।
इन बातों का रखें ध्यान
- सरकार ने पहले ही बता दिया है कि एक दिन में केवल 4000 रुपए के नोट ही बदले जाएंगे।
- बैंक जाने से पहले अपनी पासबुक और पहचान पत्र जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड, राशन कार्ड या फिर वोटर आईडी कार्ड ले जाना न भूलें।
- बैंक के खाते में रकम जमा करवाने की कोई सीमा नहीं है।
- गुरुवार से ही बैंक से लोग एक दिन में 10 हजार रुपए तक निकाल सकेंगे।
- बैंक में पुराने नोट देकर नए नोट लेने के लिए एक फॉर्म भरना होगा।
- ज्यादा भीड़ होने पर पैसे जमा करने के लिए बैंक में लगी कैश डिपॉजिट मशीन का उपयोग कर सकते हैं।
30 दिसंबर तक बदलें नोट
पीएम मोदी ने कहा था कि 10 नवंबर से 30 दिसंबर तक बैंक और प्रमुख डाकघरों में पुराने नोट जमा कराकर उसके बदले में वैध रकम लोग हासिल कर सकते हैं। इस समय सीमा में नोट नहीं बदलवा पाने वाले लोग 31 मार्च 2017 तक बैंक से अपने नोट बदल सकेंगे। इसके लिए लोगों को बैंक में पैन कार्ड और पहचान पत्र दिखाने होंगे।
जीडीपी का 20 फीसद कालाधन
भारत में कालेधन का आंकड़ा 30 लाख करोड़ तक पहुंच गया है। बताया जा रहा है कि यह जीडीपी का 20 फीसद है। हालांकि, फिलहाल 16.6 लाख करोड़ कालाधन ही प्रचलन में है। जानकार बताते हैं कि कालाधन ज्यादातर सोने या रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट के रूप में है।