
बरेली। स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के चलते उप्र के बरेली मंडल में बुखार से हालात बेकाबू हो चुके हैं। इस पर रोकथाम लगाने में केंद्र व उप्र शासन की ओर से भेजी गईं विशेष टीमें भी नाकाम हो रही हैं। पिछले तीन दिनों से डीजी हेल्थ डॉ. पद्माकर सिंह विशेष टीमों के साथ बरेली और बदायूं में डटे हुए हैं। बावजूद इसके बुधवार को 28 और लोगों की बुखार से मौत हो गईं।
सबसे ज्यादा बदायूं में 13, बरेली में 10, शाहजहांपुर में तीन व पीलीभीत में दो और लोगों को बुखार ने मौत की नींद सुला दिया। मंडल के चारों जिलों बरेली, बदायूं, पीलीभीत व शाहजहांपुर में पिछले 15-20 दिनों में बुखार से अब तक करीब 330 लोगों की जान जा चुकी है।
स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने मंगलवार को बरेली पहुंचकर हालात का जायजा लेने के बाद लापरवाही पर जिला मलेरिया अधिकारी को निलंबित कर दिया था। एडी हेल्थ एसके अग्रवाल से बरेली व बदायूं का प्रभार छीन लिया था। मंत्री के बरेली दौर के बाद बुधवार को डीजी हेल्थ डॉ. पद्माकर सिंह बदायूं पहुंचे।
बुखार प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेने के बाद वह मीडिया से रूबरू हुए। उन्होंने बताया कि बदायूं में फैले बुखार की रिपोर्ट शासन तक देरी से पहुंची और यहां के अधिकारी मामले को दबाए रहे। इसलिए, सीएमओ रहे डॉ. आशाराम को निलंबित किया गया। उन्होंने बताया कि अभी तक 8,333 मरीज बुखार के मिले हैं।
इनमें 3,739 मरीजों की स्लाइड बनाई गई है। 27 गांव वायरस की जकड़ में हैं। 46 टीमें बुखार को नियंत्रित करने में लगी हैं। इनमें चार टीमें लखनऊ और एक टीम केंद्र की ओर से भेजी गई है।