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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 27, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

देशभर के वकील 31 को करेंगे हड़ताल

विधि आयोग द्वारा प्रस्तावित अधिवक्ता अधिनियम (संशोधन) विधेयक 2017 के विरोध में देशभर के वकील 31 मार्च को हड़ताल करेंगे।

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Publish Date: Mon, 27 Mar 2017 09:27:32 PM (IST)Updated Date: Mon, 27 Mar 2017 09:29:43 PM (IST)
देशभर के वकील 31 को करेंगे हड़ताल

नई दिल्ली। विधि आयोग द्वारा प्रस्तावित अधिवक्ता अधिनियम (संशोधन) विधेयक 2017 के विरोध में देशभर के वकील 31 मार्च को हड़ताल करेंगे। बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआइ) के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा ने सोमवार को बताया कि सुप्रीम कोर्ट के वकील इस दिन बाजू पर सफेद पट्टी बांधकर उनका समर्थन करेंगे।

सभी हाई कोर्ट व जिला अदालतों में हड़ताल रहेगी। 8 अप्रैल को सभी राज्य बार काउंसिल के सदस्य, हाई कोर्ट व जिला अदालतों के संघों के पदाधिकारी बीसीआइ ऑफिस, दिल्ली में बैठक कर रणनीति बनाएंगे।

चेयरमैन ने कहा कि वह प्रधानमंत्री, विधि मंत्री व वित्त मंत्री से मिलकर विधेयक को रद करने का आग्रह करेंगे। मिश्रा ने कहा कि विधेयक लागू होने पर वकीलों की संस्थाएं ऐसे लोगों के नियंत्रण में होंगी जिनका वकालत से कोई संबंध नहीं हैं।


चेयरमैन ने बताया कि उन्होंने पिछले एक वर्ष में अनुशानहीनता में दोषी करीब 55 वकीलों पर कार्रवाई की है। ये वकील दिल्ली, उत्तर प्रदेश व हरियाणा आदि सभी राज्यों से हैं।

इस विधेयक का है विरोध

- काम में लापरवाही करने, अनुशासन तोड़ने पर वकीलों पर कार्रवाई होगी।

- वकीलों को उपभोक्ता आयोग द्वारा तय नियमों के मुताबिक मुवक्किलों को हर्जाना देना होगा।

- जज या कोई भी न्यायिक पदाधिकारी लापरवाही व अनुशासनहीनता पर वकील का लाइसेंस रद कर सकता है।

- हड़ताल करने पर कार्रवाई या जुर्माना हो सकता है।

- राज्य बार काउंसिल के आधे से ज्यादा सदस्य उच्च न्यायालयों द्वारा नामित किए जाएंगे। इन सदस्यों में डॉक्टर, इंजीनियर, बिजनेसमैन आदि होंगे।

- बीसीआइ के सदस्य के लिए कोई चुनाव नहीं होगा।

- सुप्रीम कोर्ट के एक न्यायाधीश, केंद्रीय निगरानी आयुक्त, चार्टर्ड अकाउंटेंट के अपीलीय पदाधिकारी द्वारा बीसीआइ के आधे से अधिक सदस्य नामित किए जाएंगे।