
एजेंसी, उत्तरकाशी। उत्तराखंड के उत्तरकाशी में दिवाली के दिन भीषण हादसा हो गया। यहां एक निर्माणाधीन टनल का हिस्सा ढहने से 40 मजदूर फंस गए हैं। राहत तथा बचाव कार्य जारी है।
ताजा खबर यह है कि करीब 27 घंटे बाद फंसे श्रमिकों से वॉकी टॉकी के जरिये संपर्क जुड़ा है। श्रमिकों ने बताया कि वह सुरक्षित हैं तथा भोजन की मांग की है। इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी हालात पर नजर रखे हुए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री धामी से फोन पर जानकारी ली।
एनएचआईडीसीएल (नेशनल हाईवे एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड) के निदेशक अंशू मनीष खलको ने बताया, स्थिति अब बेहतर है। मजदूर सुरक्षित हैं। हम भोजन और पानी मुहैया करा रहे हैं। अंदर लगभग 40 लोग हैं। हम अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रहे हैं।' इस बीच, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौके पर पहुंचे और राहत तथा बचाव कार्य का जायजा लिया।
#WATCH | Uttarakhand | On the Uttarkashi Tunnel accident, Anshu Manish Khalko, Director, NHIDCL (National Highway & Infrastructure Development Corporation Limited), says,"...The situation is better now... The workers are safe... We are providing food and water...There are nearly… pic.twitter.com/lALMXvwGoi
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) November 13, 2023
#WATCH | Uttarakhand | Relief and rescue work underway on war footing in Silkyara Tunnel located on Uttarkashi-Yamnotri road. pic.twitter.com/sn9EYLiV4M
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) November 13, 2023
#WATCH | Uttarakhand | "Work is underway at a great speed. Everyone is working very hard...We were saddened yesterday because we weren't able to communicate with those trapped. But then we were able to communicate with them...," says Ranveer Singh Chauhan, Prantiya Rakshak Dal… https://t.co/xf2QYg7MJD pic.twitter.com/PBqLgJ4Tv5
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) November 12, 2023
#WATCH | Uttarakhand | Relief and rescue work going on war footing in Silkyara Tunnel located on Uttarkashi-Yamnotri road. pic.twitter.com/k2lIvKjCff
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) November 12, 2023
#WATCH | Uttarakhand | "The work of mucking is underway. Mucking is being done with the loader & excavator...Approximately 30-35 meters part of the tunnel has been broken. The incident happened around 5:30 am. We have information of around 40-45 people being trapped. Everyone is… https://t.co/NoOyfUYbsS pic.twitter.com/RugQihdf9e
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) November 12, 2023
#WATCH | Uttarakhand | Relief and rescue work going on war footing in Silkyara Tunnel located on Uttarkashi-Yamnotri road. People have been trapped inside the tunnel since this morning due to a part of the tunnel breaking and debris falling. (12.11) pic.twitter.com/5J9IOQCuAf
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) November 12, 2023
हादसा रविवार सुबह करीब 5.30 बजे हुआ। सिलक्यारा-डंडालवाल टनल के आगे का हिस्सा टूट गया। अच्छी बात यह है कि जहां मजदूर फंसे हैं, वहां कुछ स्थान खाली है, जिससे दम घुटने की आशंका नहीं है।
सूचना मिलने पर पुलिस तथा प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। एनडीआरएफ की टीमें राहत तथा बचाव कार्य में जुटी है। देश में प्रार्थना की जा रही है कि सभी मजदूर सुरक्षित निकाल लिए जाएंं।
अच्छी बात यह है कि अब तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। जेसीबी की मदद से मलबे को हटाया जा रहा है।
उत्तरकाशी में टनल के अंदर चल रहा रेस्क्यू ऑपरेशन, सबसे पहले फँसे लोगों तक एडिशनल ऑक्सीज़न के लिए पाइप डाला जा रहा है ताकि ऑक्सीज़न के अभाव में कोई नुक़सान न हो, ऐसा लगता है रेस्क्यू पूरा होने में समय लगेगा। #Uttarkashitunnelaccident pic.twitter.com/tweFo5x6NL
— Ajit Singh Rathi (@AjitSinghRathi) November 12, 2023
#Uttarakhand के उत्तरकाशी में निर्माणाधीन टनल का हिस्सा टूटा, बड़ी संख्या में मज़दूरों के फँसे होने की आशंका। सिलक्यारा-डंडालगांव के बीच सिलक्यारा की ओर से 150 मीटर आगे टनल टूटी। रेस्क्यू के लिए जिला प्रशासन के साथ SDRF, पुलिस की की टीमें मौके पर। pic.twitter.com/hd33dqeNvN
— Ajit Singh Rathi (@AjitSinghRathi) November 12, 2023
दैनिक जागरण के अनुसार, हादसा रविवार सुबह शिफ्ट चेंजिंग की दौरान हुआ। रात्रि शिफ्ट वाले श्रमिक टनल से बाहर आ रहे थे और अगली शिफ्ट वाले भीतर जा रहे थे। टनल के मुख्य द्वार से करीब 300 मीटर दूरी पर ऊपरी हिस्से से मलबा आने से टनल बंद हो गई। यहां से करीब 2700 मीटर भीतर 40 से 50 मजदूर काम कर रहे थे। कार्यस्थल तक ऑक्सीजन आपूर्ति के लिए डाली गई लाइन भी मलबे से ध्वस्त हो गई है। हालांकि परियोजना के अधिकारी भीतर पर्याप्त मात्रा में पानी और ऑक्सीजन उपलब्ध होने का दावा कर रहे हैं। फंसे मजदूरों को बाहर निकालने का एकमात्र विकल्प टनल से मलबा हटाना ही है। बताया जा रहा है कि जितना मलबा हटाया जा रहा है, उससे अधिक मलबा टनल के ऊपरी तरफ से आ जा रहा है। जिस जगह टनल में ऊपरी तरफ से मलबा आ रहा है, वहां कठोर चट्टान (हार्ड रॉक) नहीं है।


