
श्रीनगर। समुद्रतल से लगभग 3888 मीटर की ऊंचाई पर स्थित श्री अमरनाथ की पवित्र गुफा की वार्षिक तीर्थयात्रा के दौरान हिमस्खलन और भूस्खलन से पैदा होने वाली किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए यात्रा मार्ग पर माउनटेन रेस्क्यू टीम (एमआरटी), एवालांच रेस्क्यू टीम (एमआरटी) के अलावा विस्फोटकों के साथ मिट्टी और बर्फ में दबे लोगों का पता लगाने में समर्थ श्वान दल (डॉग स्क्वायड) तैनात रहेंगे।
यात्रा मार्ग पर छह एमआरटी, 13 एआरटी और 20 श्वान दल सभी संवेदनशील स्थलों पर 25 जून से यात्रा के संपन्न होने तक तैनात रहेंगे। प्रत्येक एमआरटी में दस पुलिसकर्मी रहेंगे।
श्री अमरनाथ की पवित्र गुफा की वार्षिक तीर्थयात्रा 2 जुलाई से शुरू हो रही है। लगभग 59 दिनों की यह यात्रा अगस्त के अंत में संपन्न होगी।
यात्रा मार्ग की भौगोलिक और मौसमी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए ही एमआरटी, एआरटी और श्वान दस्तों को तैनात करने का फैसला शनिवार को यहां श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड के सीईओ पीके त्रिपाठी की अध्यक्षता में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में लिया गया। इसमें अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक एसएम सहाय के अलावा सेना की विक्टर फोर्स के जीओसी, आइजीपी कश्मीर रेंज एसजेएम गिलानी, बीएसएफ व सीआरपीएफ के आइजीपी व अन्य संबंधित अधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक में लिए गए फैसले के मुताबिक, एमआरटी के दस्ते पहलगाम से पवित्र गुफा तक शेषनाग, वाअबल, पोषपथरी, निचली पवित्र गुफा और बालटाल से पवित्र गुफा के मार्ग में संगम एवं बरारीमर्ग के अलावा यात्रा मार्ग पर स्थित अन्य संवेदनशील इलाकों में तैनात रहेंगे। इनके लिए आवश्यक साजो सामान मंगवाया जा चुका है और जल्द ही इन्हें उपलब्ध करा दिया जाएगा।