
नई दिल्ली। बिहार सरकार नीलगाय और जंगली सुवरों को मार सकेगी। दरअसल, राज्य सरकार ने कहा था कि इन दोनों जानवरों के कारण जान और माल का काफी नुकसान होता है। इसके बाद केंद्र सरकार ने राज्य सरकार की इस मांग को स्वीकार करते हुए उसे इन दो जानवरों की हत्या करने की इजाजत दे दी।
प्रकाश जावड़ेकर के मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि ऐसा पहली बार है जब पर्यावरण मंत्रालय ने किसी जानवर को हानि पहुंचाने वाला करार दिया है। इसके साथ ही राज्य सरकार को उनका शिकार करने की इजाजत दे दी है। यह घोषणा एक दिसंबर के गजट नोटिफिकेशन में की गई है और यह एक साल के लिए प्रभावी रहेगा।
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बिहार के प्रमुख सचिव, पर्यावरण और वन, विवेक कुमार सिंह ने कहा कि राज्य सरकार ने केंद्र सरकार को बताया था कि नीलगाय के हमलों के कारण फसलों को नुकसान हो रहा है।
उन्होंने बताया कि मई 2015 में स्टेट बोर्ड ऑफ वाइल्ड लाइफ की बैठक में हमने यह प्रस्ताव दिया था कि नीलगाय को हानि पहुंचाने वाला जानवर घोषित किया जाए।
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इसके बाद पर्यावरण मंत्रालय ने भी इस प्रस्ताव को पारित किया था। इस फैसले से बिहार के 31 जिलों को नीलगाय से मुक्ित मिलेगी, वहीं कम से कम 10 जिलों को जंगली सुवरों के उत्पाद से मुक्ित मिल सकेगी।