• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • शारदीय नवरात्रि
  • होम
  • देश

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 15, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बिहार में काटी जा सकेंगी नीलगाय

बिहार सरकार नीलगाय और जंगली सुवरों को मार सकेगी।

By Edited By:
Publish Date: Tue, 15 Dec 2015 12:12:52 PM (IST)Updated Date: Tue, 15 Dec 2015 12:14:42 PM (IST)
बिहार में काटी जा सकेंगी नीलगाय

नई दिल्‍ली। बिहार सरकार नीलगाय और जंगली सुवरों को मार सकेगी। दरअसल, राज्‍य सरकार ने कहा था कि इन दोनों जानवरों के कारण जान और माल का काफी नुकसान होता है। इसके बाद केंद्र सरकार ने राज्‍य सरकार की इस मांग को स्‍वीकार करते हुए उसे इन दो जानवरों की हत्‍या करने की इजाजत दे दी।

प्रकाश जावड़ेकर के मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि ऐसा पहली बार है जब पर्यावरण मंत्रालय ने किसी जानवर को हानि पहुंचाने वाला करार दिया है। इसके साथ ही राज्‍य सरकार को उनका शिकार करने की इजाजत दे दी है। यह घोषणा एक दिसंबर के गजट नोटिफिकेशन में की गई है और यह एक साल के लिए प्रभावी रहेगा।


यह भी पढ़ें : मैथ्‍स टेस्‍ट पर शादी तोड़ने वाली लड़की ने 10वीं पास किसान से की शादी

बिहार के प्रमुख सचिव, पर्यावरण और वन, विवेक कुमार सिंह ने कहा क‍ि राज्‍य सरकार ने केंद्र सरकार को बताया था कि नीलगाय के हमलों के कारण फसलों को नुकसान हो रहा है।

उन्‍होंने बताया कि मई 2015 में स्‍टेट बोर्ड ऑफ वाइल्‍ड लाइफ की बैठक में हमने यह प्रस्‍ताव दिया था कि नीलगाय को हानि पहुंचाने वाला जानवर घोषित किया जाए।

यह भी पढ़ें : वायु प्रदूषण कम करने के लिए आगे आई हरियाणा की एक खाप

इसके बाद पर्यावरण मंत्रालय ने भी इस प्रस्‍ताव को पारित किया था। इस फैसले से‍ बिहार के 31 जिलों को नीलगाय से मुक्‍ित मिलेगी, वहीं कम से कम 10 जिलों को जंगली सुवरों के उत्‍पाद से मुक्‍ित मिल सकेगी।