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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 05, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मोबाइल टावर के विकिरण से बचने के उपाय बताए सरकार

केंद्रीय सूचना आयोग ने सरकार को निर्देश दिया है कि वह लोगों को मोबाइल टावर के विकिरण से बचने के उपाय बताएं।

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Publish Date: Sun, 05 Apr 2015 08:55:20 PM (IST)Updated Date: Sun, 05 Apr 2015 08:57:13 PM (IST)
मोबाइल टावर के विकिरण से बचने के उपाय बताए सरकार

नई दिल्ली। केंद्रीय सूचना आयोग ने सरकार को निर्देश दिया है कि वह लोगों को मोबाइल टावर के विकिरण से बचने के उपाय बताएं। एक सुनवाई के दौरान आयोग ने यह भी उल्लेख किया कि मोबाइल टावर से निकलने वाले विकिरण से कैंसर होने संबंधी डब्लूएचओ की रिपोर्ट से स्वास्थ्य मंत्रालय अनजान है।

केंद्रीय सूचना आयोग ने दिल्ली में बढ़ते मोबाइल टावर और लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहे प्रभाव को लेकर पर्यावरण मंत्रालय, स्वास्थ्य मंत्रालय, टेलीकाम मंत्रालय, डीडीए और अन्य हितधारकों से एक अनुपालन रिपोर्ट मांगी थी। इसमें यह भी था कि मोबाइल विकिरण को वायु प्रदूषक क्यों न घोषित कर दिया जाए।


इस नोटिस की सुनवाई के दौरान केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि रेडियो फ्रीक्वेंसी रेडिएशन (आरएफआर) को वायु प्रदूषक नहीं घोषित किया जा सकता है। लेकिन यह बढ़िया होगा कि अस्पताल, स्कूल, आवासीय परिसर आदि के निकट मोबाइल टॉवर न लगाया जाय।

इस दौरान याचिकाकर्ता सुरेश चंद्र गुप्ता ने कहा कि दुनियाभर में बड़ी संख्या में हो रहे अध्ययन आरएफआर के खतरनाक प्रभावों के बारे में बताते हैं और डब्लूएचओ ने भी कहा कि इससे कैंसर संभव है। याचिका की सुनवाई के दौरान गुप्ता ने सूचना आयुक्त श्रीधर आचार्यलु के सामने उस आरटीआई का जवाब भी पेश किया जिससे स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि उसे डब्लूएचओ या दूसरे ऐसे किसी अध्ययन के बारे में जानकारी नहीं है।