• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • Mutual Funds मास्टरी
  • होम
  • देश

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 08, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Chandrayaan-2 को मिली बड़ी सफलता, पहली बार चांद पर खोजा सोडियम का खजाना, जानें क्यों है खास

Isro Chandrayaan-2 बेंगलुरु में इसरो के यूआर राव उपग्रह केंद्र में निर्मित ‘क्लास’ अपनी उच्च संवेदी क्षमता और दक्षता के कारण सोडियम लाइन के स्पष्ट सबू...और पढ़ें

By Sandeep ChoureyEdited By: Sandeep Chourey
Publish Date: Sat, 08 Oct 2022 12:22:18 PM (IST)Updated Date: Sat, 08 Oct 2022 12:22:18 PM (IST)
Chandrayaan-2 को मिली बड़ी सफलता, पहली बार चांद पर खोजा सोडियम का खजाना, जानें क्यों है खास

Isro Chandrayaan-2 । भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने चंद्रमा पर शोध कर रहे चंद्रयान-2 के जरिए बड़ी सफलता प्राप्त की है। चंद्रयान-2 ऑर्बिटर में लगे एक्स-रे स्पेक्ट्रोमीटर ‘क्लास’ ने पहली बार चंद्रमा की सतह पर सोडियम के विशाल भंडार का पता लगाया है। इसरो ने जानकारी दी है कि चंद्रयान-2 एक्स-रे फ्लोरोसेंस स्पेक्ट्रोमीटर ने चांद की सतह पर सोडियम का खजाना खोज निकाला है।

naidunia_image

इसरो ने शुक्रवार को जानकारी दी कि ‘द एस्ट्रोफिजिकल जर्नल लेटर्स’ में हाल में प्रकाशित एक अनुसंधान रिपोर्ट के अनुसार चंद्रयान-2 ने पहली बार चंद्रयान-2 लार्ज एरिया सॉफ्ट एक्स-रे स्पेट्रोमीटर का उपयोग करके चंद्रमा पर प्रचुर मात्रा में सोडियम की मौजूदगी का पता लगाया है। इसरो ने बताया कि बेंगलुरु में इसरो के यूआर राव उपग्रह केंद्र में निर्मित ‘क्लास’ अपनी उच्च संवेदी क्षमता और दक्षता के कारण सोडियम लाइन के स्पष्ट सबूत प्राप्त कर रहा है।


naidunia_image

इसरो ने जानकारी देते हुए कहा है कि सोडियम चंद्रमा के खनिजों का हिस्सा हैं तो इन सोडियम अणुओं को सौर वायु या पराबैंगनी विकिरण से अधिक आसानी से सतह से बाहर निकाला जा सकता है। इसरो के मुताबिक सोडियम एक क्षारीय तत्व है और इसमें दिलचस्पी पैदा करने वाला एक रोचक पहलू चंद्रमा के महीन वातावरण में इसकी मौजूदगी है। गौरतलब है कि चंद्रमा का वायुमंडल काफी विरल है और ऐसे में अणु भी विरले ही कभी मिलते हैं। इस क्षेत्र को ‘एक्सोस्फीयर’ कहा जाता है, जो चंद्रमा की सतह से शुरू होकर हजारों किलोमीटर तक फैला होता है।

naidunia_image

इसरो ने कहा कि चंद्रयान-2 की ताजा जानकारी से चंद्रमा पर सतह एक्सोस्फीयर के बारे में एक शोध करने का अवसर मिलेगा, जिससे हमारे सौरमंडल में तथा उसके आगे बुध ग्रह और अन्य वायुहीन पिंडों के लिए ऐसे ही मॉडल विकसित करने में मदद मिलेगी।