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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 03, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

स्लीप मोड में गया प्रज्ञान रोवर, 14 दिन बाद जागेगा, ISRO को फिर सिग्नल मिलने की उम्मीद

उम्मीद है कि 22 सितंबर 2023 को एक्टिव किए जाने के बाद प्रज्ञान रोवर पर लगे सौर पैनल को सूर्योदय से ऊर्जा मिलेगी और यह एक बार फिर काम करने लगेगा।

By Arvind DubeyEdited By: Arvind Dubey
Publish Date: Sun, 03 Sep 2023 07:40:43 AM (IST)Updated Date: Sun, 03 Sep 2023 10:00:20 AM (IST)
स्लीप मोड में गया प्रज्ञान रोवर, 14 दिन बाद जागेगा, ISRO को फिर सिग्नल मिलने की उम्मीद
लैंडर के माध्यम से पेलोड को निष्क्रिय कर दिया गया। अब पृथ्वी पर डेटा मिलना बंद हो गया है।

HighLights

  1. 23 अगस्त 2023 को चंद्रमा पर हुई थी सॉफ्ट लैंडिंग
  2. अब 14 दिन निष्क्रिय रहेगा प्रज्ञान रोवर
  3. धरती के 14 दिन के बराबर चंद्रमा का एक दिन होता है

श्रीहरिकोटा। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने चंद्रमा पर प्रज्ञान रोवर को निष्क्रिय कर दिया गया है। इसे अभी स्लीप मोड में डाला गया है। इसरो को उम्मीद है कि प्रज्ञान को 14 दिन बार जब दोबारा जब एक्टिव किया जाएगा, तो यह पहले की तरह काम करना शुरू कर देगा। यदि ऐसा होता है तो इसरो के पास चंद्रयान-3 (Chandrayaan-3) के माध्यम से चंद्रमा पर अध्ययन करने के लिए 14 दिन का समय मिल जाएगा।

इसरो के मुताबिक, प्रज्ञान रोवर पर दो पेलोड हैं- अल्फा पार्टिकल एक्स-रे स्पेक्ट्रोमीटर (एपीएक्सएस) और लेजर इंड्यूस्ड ब्रेकडाउन स्पेक्ट्रोस्कोप (एलआईबीएस)। लैंडर के माध्यम से पेलोड को निष्क्रिय कर दिया गया। अब पृथ्वी पर डेटा मिलना बंद हो गया है।

अब 22 सितंबर की तारीख पर सबकी नजर

इसके साथ ही अब सभी नजर 22 सितंबर पर टिक गई है। इस दिन इसरो रोवर को एक्टिव करेगा।

इसरो ने अपने एक्ट हैंडल पर यह जानकारी दी।

उम्मीद है कि 22 सितंबर 2023 को एक्टिव किए जाने के बाद प्रज्ञान रोवर पर लगे सौर पैनल को सूर्योदय से ऊर्जा मिलेगी और यह एक बार फिर काम करने लगेगा।

क्या होगा यदि प्रज्ञान नहीं जागा

यदि प्रज्ञान रोवर सफलतापूर्वक एक्टिव नहीं हुआ, तो यह हमेशा के लिए चंद्रमा पर रहेगा। बता दें, प्रज्ञान रोवर और विक्रम लैंडर चंद्रमा पर अध्ययन करने के लिए मिलकर काम कर रहे थे। इस दौरान प्रज्ञान ने कई ऐसी जानकारियों इसरो को भेजी, जो इंसानों के लिए नई थीं।


इस दौरान चंद्रमा पर सल्फर, लोहा, ऑक्सीजन और अन्य तत्वों की मौजूदगी की पुष्टि हुई है। रोवर ने चंद्रमा पर 100 मीटर की चहलकदमी की। इसके बाद यह पलटा और सफलतापूर्वक फिर से विक्रम लैंडर के पास आया।

इसरो ने उस समय इतिहास रचा था, जब 23 अगस्त 2023 को चंद्रयान-3 ने चंद्रमा की सतह पर सफलतापूर्वक लैंडिंग की थी। इस मिशन ने भारत को चंद्रमा की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग हासिल करने वाला चौथा देश बना दिया।