चेक-बाउंस मामला: 'ड्रामा करने में माहिर हैं, लेकिन यह कोर्ट है', सुप्रीम कोर्ट ने राजपाल यादव को ₹2 करोड़ जमा करने के लिए आखिरी मौका दिया
सुप्रीम कोर्ट ने एक्टर राजपाल यादव को एक प्राइवेट फर्म का बकाया पैसा चुकाने के लिए ठोस प्रस्ताव लाने का आखिरी मौका देते हुए उन्हें सुप्रीम कोर्ट की रज...और पढ़ें
Publish Date: Tue, 15 Sep 2026 05:10:15 PM (IST)Updated Date: Tue, 15 Sep 2026 05:10:15 PM (IST)
HighLights
- सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री में 2 करोड़ जमा करने का निर्देश
- राजपाल ने 1.05 करोड़ के सात चेक दिए थे, जो बाउंस हो गए
- लगभग 11 करोड़ चुकाने के लिए सहमत हुए थे
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को एक्टर राजपाल यादव को एक प्राइवेट फर्म का बकाया पैसा चुकाने के लिए ठोस प्रस्ताव लाने का आखिरी मौका (दो हफ्ते) देते हुए उन्हें सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री में 2 करोड़ रुपये जमा करने का निर्देश दिया है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि 2010 में एक फिल्म के लिए मिली 5 करोड़ की आर्थिक मदद के सेटलमेंट के तौर पर 2013 में राजपाल यादव ने 1.05 करोड़ के सात चेक दिए थे, जो बाउंस हो गए।
लगभग 11 करोड़ चुकाने के लिए सहमत हुए थे
शिकायतकर्ता के अनुसार, 2012 में दोनों पक्षों के बीच हुए एक समझौते में कहा गया था कि राजपाल यादव, उनकी पत्नी और उनकी कंपनी ब्याज सहित लगभग 11 करोड़ चुकाने के लिए सहमत हुए थे। चीफ जस्टिस सूर्य कांत, जस्टिस बागची और जस्टिस वी मोहना की बेंच ने उनके सरेंडर न करने की छूट को 5 अक्टूबर तक बढ़ा दिया।
बता दें कि 10 जुलाई को दिल्ली हाई कोर्ट ने कई चेक-बाउंस मामलों में राजपाल यादव की सजा को बरकरार रखा था और उन्हें तीन महीने की जेल की सजा सुनाई थी।
वह ड्रामा करने में माहिर हैं, लेकिन यह कोर्ट है
बेंच ने कहा, वह ड्रामा करने में माहिर हैं, लेकिन यह कोर्ट है। कोर्ट के पहले के आदेशों का पालन नहीं किया गया है। राजपाल यादव का व्यवहार भरोसा नहीं जगाता, लेकिन उन्हें एक आखिरी मौका दिया जाएगा। राजपाल यादव की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट पी.एस. पटवालिया ने बकाया रकम चुकाने के लिए ठोस प्रस्ताव लाने के लिए दो हफ्ते का समय मांगा और कहा कि वह अपनी ईमानदारी साबित करने के लिए 2 करोड़ जमा करेंगे।
अगली सुनवाई के लिए 5 अक्टूबर को
पटवालिया ने कहा कि उन्होंने साढ़े चार महीने जेल में बिताए हैं और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में उनके दोस्तों को उनकी जमानत करानी है। शिकायतकर्ता, मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट अजीत सिन्हा ने कहा कि उन्हें पैसे की चिंता है क्योंकि राजपाल यादव ने अपने वादे पूरे नहीं किए हैं। बेंच ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 5 अक्टूबर की तारीख तय की।
8 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने राजपायादव की याचिका पर नोटिस जारी किया और कहा कि इस कोर्ट की रजिस्ट्री में 5 करोड़ जमा करने की शर्त पर उन्हें सरेंडर करने से छूट दी जाएगी। कोर्ट ने साफ किया कि एक्टर द्वारा पहले ही चुकाए गए लगभग 2 करोड़ रुपये को इसमें एडजस्ट किया जाएगा और उनको फैसले के खिलाफ अपील कोर्ट में जाने का समय देने के लिए सजा को दो महीने के लिए रोक दिया।
उल्लेखनीय है कि सेशंस कोर्ट ने अप्रैल 2018 में चेक-बाउंस मामलों में मजिस्ट्रेट कोर्ट द्वारा उन्हें दोषी ठहराए जाने के फैसले को बरकरार रखा था। मजिस्ट्रेट कोर्ट ने राजपाल को छह महीने की जेल की सजा सुनाई थी, जिसे बाद में घटाकर तीन महीने कर दिया गया था।